पटना। बिहार सरकार ने राज्य में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए एक व्यापक और सख्त अभियान छेड़ दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार सुबह पटना के कुर्जी मोड़ स्थित निशान (Nissan) और किया (Kia) के शोरूम पर जिला प्रशासन का बुलडोजर चला।
कार्रवाई की पृष्ठभूमि और सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद तेज की गई है। नवंबर 2025 में राजस्थान और तेलंगाना में हाईवे पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग के कारण हुई भीषण दुर्घटनाओं, जिनमें 34 लोगों की मौत हो गई थी, के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को सख्त कदम उठाने का आदेश दिया था। बिहार सरकार ने इसी के अनुपालन में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक कर राज्यव्यापी अभियान की रूपरेखा तैयार की है।
प्रमुख कार्रवाई: शोरूम पर चला बुलडोजर
शुक्रवार सुबह 6 बजे, लगभग 200 पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में नगर निगम की टीम ने कुर्जी मोड़ स्थित इन शोरूमों पर विध्वंस की कार्रवाई शुरू की। शोरूम प्रबंधन का दावा है कि उन्हें समय नहीं दिया गया, जिससे उन्हें लगभग 50 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि प्रशासन अब किसी भी बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान के प्रति नरमी नहीं बरतेगा।
20 दिनों में हटाना होगा अवैध ढाबे और होटल
सरकार ने हाईवे के ‘राइट ऑफ वे’ (ROW) क्षेत्र में बने सभी अवैध ढाबों, होटलों और अन्य व्यावसायिक संरचनाओं को हटाने के लिए 20 दिनों का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित ‘डिस्ट्रिक्ट हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स’ संयुक्त रूप से इन्हें ध्वस्त कर देगी। साथ ही, अब हाईवे पर नए निर्माण के लिए संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
अवैध पार्किंग और हाईवे सुरक्षा के नए नियम
- पार्किंग पर प्रतिबंध: हाईवे के ROW क्षेत्र में भारी वाहनों की अनधिकृत पार्किंग पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। ट्रक और बसें अब केवल निर्धारित ‘ट्रक ले-बाय’ या ‘वे-साइड अमेनिटी’ क्षेत्रों में ही रुक सकेंगी।
- एक्सेस रोड अनिवार्य: जिन प्रतिष्ठानों का प्रवेश सीधे हाईवे से है, उन्हें अब वैकल्पिक एक्सेस रोड बनाना होगा। ऐसा न करने पर ‘कंट्रोल ऑफ नेशनल हाईवे एक्ट, 2002’ के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- सेफ्टी जोन: आवासीय क्षेत्रों के लिए 40 मीटर और व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए 75 मीटर के दायरे को ‘हाईवे सेफ्टी जोन’ घोषित किया गया है, जहां निर्माण के लिए अनुमति आवश्यक होगी।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण या सड़क सुरक्षा उल्लंघन की सूचना टोल-फ्री नंबर 1033 या ‘राजमार्ग यात्रा’ ऐप के माध्यम से दें। इस अभियान का एकमात्र उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है।

