नवादा। जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जो उत्तर प्रदेश के चर्चित ज्योति मौर्य केस की याद दिला रहा है। यहां एक पति ने अपनी पत्नी को पढ़ा-लिखाकर सरकारी शिक्षिका बनाया लेकिन पद हासिल करते ही पत्नी ने पति से नाता तोड़कर अपने सहकर्मी के साथ जीवन बिताने का निर्णय ले लिया है।
मजदूरी कर पत्नी को पढ़ाया
पीड़ित पति अमन कुमार की शादी 2013 में गुंजन कुमारी से हुई थी। अमन ने अपनी पत्नी के सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत मजदूरी की। आर्थिक तंगियों के बावजूद उसने गुंजन की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। दंपत्ति का एक बेटा भी है जो फिलहाल अमन के साथ है।
शिक्षिका बनने के बाद बदला रुख
कड़ी मेहनत रंग लाई और गुंजन कुमारी का चयन सरकारी शिक्षक के रूप में हो गया। आरोप है कि नौकरी मिलने के कुछ समय बाद ही गुंजन का व्यवहार बदलने लगा। अमन का आरोप है कि गुंजन अब अपने एक सहकर्मी के साथ रहना चाहती है और उसने पति तथा अपने परिवार से दूरी बना ली है।
कानूनी लड़ाई और धोखाधड़ी का केस
पत्नी के इस रवैये से आहत अमन कुमार ने अब कानूनी रास्ता अपना लिया है। उसने अपनी पत्नी के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। अमन का कहना है कि उसने अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी पत्नी की पढ़ाई पर खर्च की लेकिन आज उसे धोखा मिला है। यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग अमन के प्रति सहानुभूति जता रहे हैं। न्याय की उम्मीद में अमन अब प्रशासन और कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहा है।

