पटना। बिहार विधान परिषद की रिक्त 10 सीटों पर 18 जून को मतदान होना है जिसके लिए नामांकन प्रक्रिया 1 से 8 जून तक चलेगी। इस चुनाव में एक सीट पर उपचुनाव भी शामिल है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं जिससे उन्हें मात्र एक सीट मिलने की संभावना है। ऐसे में राजद में उम्मीदवारी को लेकर खींचतान तेज हो गई है।
तेजप्रताप और रोहिणी आचार्य के बीच फंसी राजद की सीट
राजद सुप्रीमो लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को एमएलसी बनाना चाहती हैं। हालांकि तेजप्रताप राजद के बैनर तले नहीं बल्कि अपनी पार्टी जेजेडी के माध्यम से सदन जाना चाहते हैं जिस पर उनके भाई और कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव सहमत नहीं हैं।
दूसरी ओर लालू यादव अपनी बेटी रोहिणी आचार्य को इस सीट के लिए मनाना चाहते हैं। लालू इसी उद्देश्य से सिंगापुर जा रहे हैं, जहां वे रूटीन चेकअप के साथ-साथ रोहिणी से मुलाकात करेंगे। रोहिणी विधानसभा चुनाव के समय से ही परिवार से नाराज चल रही हैं।
परिवार में फूट और संजय यादव पर आरोप
रोहिणी आचार्य का पारिवारिक विवाद तब खुलकर सामने आया था जब विधानसभा चुनाव के नतीजों के दिन वे राबड़ी आवास से रोते हुए निकली थीं। उन्होंने तेजस्वी के करीबी रणनीतिकार संजय यादव और रमीज पर गंभीर आरोप लगाए थे। रोहिणी ने आरोप लगाया था कि पार्टी के फैसले संजय और रमीज ले रहे हैं। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर परिवार और पार्टी के सदस्यों को अनफॉलो कर दिया था और राजनीति व परिवार से नाता तोड़ने जैसी बातें कही थीं।
सितंबर में एक फेसबुक पोस्ट साझा कर उन्होंने संजय यादव के बढ़ते प्रभाव पर भी कटाक्ष किया था। हालांकि रोहिणी ने खुद के एमएलसी बनने की चर्चाओं से इनकार किया है लेकिन लालू यादव की यह यात्रा परिवार को एकजुट करने और रोहिणी को राजनीति में सक्रिय करने की आखिरी कोशिश मानी जा रही है।

