प्रमोद कुमार/कैमूर। बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने खनिज परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और अवैध खनन व परिवहन पर लगाम कसने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। अब अन्य राज्यों से लघु खनिज लेकर बिहार में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों के लिए इंटर-स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) अनिवार्य कर दिया गया है। कैमूर की जिला खनन पदाधिकारी दीपिका प्रिया ने स्पष्ट किया है कि यह नई व्यवस्था 10 जून 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएगी।
पंजीकरण और प्रक्रिया की जानकारी
जिला खनन पदाधिकारी दीपिका प्रिया ने बताया कि बिहार में प्रवेश करने वाले हर वाहन के मालिक या चालक को विभाग के आधिकारिक ISTP पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। इस प्रक्रिया के तहत:
- वाहन मालिकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
- निर्धारित शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य है।
- पंजीकरण के बाद ही सिस्टम से ट्रांजिट पास जेनरेट होगा।
समय सीमा और अनिवार्य दस्तावेज
विभाग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, बिहार की सीमा में प्रवेश करने के छह घंटे के भीतर वाहन पर लदे खनिज की मात्रा के अनुरूप ट्रांजिट पास प्राप्त करना अनिवार्य है। परिवहन के दौरान वाहन चालकों को अपने साथ दो प्रमुख दस्तावेज रखना आवश्यक होगा:
- परिवहन चालान
- इंटर-स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP)
जांच के समय यदि इन दस्तावेजों के बिना वाहन पाया जाता है, तो उसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
उल्लंघन पर होगी कठोर कार्रवाई
शासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के दौरान यदि परिवहन चालान में दर्ज मात्रा और वाहन पर लदे वास्तविक खनिज की मात्रा में अंतर पाया जाता है, तो वाहन मालिक और चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, निर्धारित नियमों के अनुसार उन पर भारी आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाएगा।
जिला खनन पदाधिकारी दीपिका प्रिया ने वाहन मालिकों और खनिज कारोबारियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा या कानूनी झंझट से बचने के लिए समय रहते अपना पंजीकरण पूरा कर लें।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों को आगाह किया है कि वे इस नई व्यवस्था को गंभीरता से लें। कैमूर सहित पूरे बिहार में खनिज परिवहन को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। समय रहते नियमों का पालन करना ही एकमात्र विकल्प है, ताकि परिवहन कार्य निर्बाध रूप से जारी रहे।

