वीरेंद्र कुमार नालंदा। बिहार सरकार के विधि एवं उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए अपराधियों को स्पष्ट चेतावनी दी है। नालंदा जिले के मेहनौर स्थित भाजपा कार्यालय में ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ के दौरान उन्होंने अपराधियों के लिए साफ संदेश दिया कि राज्य में कानून का राज सर्वोपरि है।

​अपराध छोड़ो या बिहार छोड़ो

​मंत्री संजय सिंह टाइगर ने अपराधियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि बिहार की धरती पर अब कानून तोड़ने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने दो विकल्पों पर जोर दिया या तो अपराधी अपराध का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो जाएं, या फिर बिहार छोड़ दें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अपराधी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं, तो उन्हें कानून के कठोरतम परिणामों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

​जीरो टॉलरेंस की नीति और विकास का संकल्प

​सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उनके अनुसार देश में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और वैश्विक मंच पर भारत एक महाशक्ति के रूप में स्थापित हुआ है। राज्य के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।

राजगीर मॉब लिंचिंग पर स्पष्ट स्टैंड

राजगीर में हाल ही में हुई मॉब लिंचिंग की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि कानून की नजर में सभी समान हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस प्रशासन पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है और घटना में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। अपराधी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो या कहीं भी छिपा हो उसे कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।

​विपक्ष पर निशाना और अधिवक्ताओं के लिए वादे

​मंत्री ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष जनहित के असली मुद्दों से भटक चुका है और केवल राजनीति कर रहा है। वहीं उन्होंने जूनियर अधिवक्ताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उन्हें प्रति माह 5000 रुपये का स्टाइपेंड देने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है और इस वादे को बहुत जल्द पूरा कर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य न केवल अपराध मुक्त बिहार बनाना है बल्कि युवाओं और अधिवक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देकर राज्य का चहुंमुखी विकास करना है।