Bihar Monsoon Session: बिहार विधानमंडल मानसून सत्र का आज गुरुवार 23 जुलाई को चौथा दिन है। सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे से शुरू होगी। सत्र के चौथे दिन यानी की आज सदन की कार्यवाही के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक व्यय विवरणी (अनुपूरक बजट) पर विस्तृत चर्चा होगी। इसके बाद विभिन्न विभागों के लिए प्रस्तावित अतिरिक्त बजटीय प्रावधानों पर सदस्यों के बीच वाद-विवाद कराया जाएगा। चर्चा पूरी होने के बाद अनुपूरक व्यय विवरणी को सदन की स्वीकृति के लिए मतदान कराया जाएगा।
काफी अहम साबित हो सकता है आज का सत्र
इसके साथ ही, इससे संबंधित विनियोग विधेयक पर भी चर्चा होगी और सदन की मंजूरी मिलने के बाद इसे पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे सरकार को अनुपूरक बजट के तहत स्वीकृत राशि खर्च करने का वैधानिक अधिकार प्राप्त होगा। ऐसे में आज सत्र का चौथा दिन तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप के बीच काफी अहम साबित हो सकता है। बता दें कि सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सरकार की ओर से 87,383.4301 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया है।
हंगामेदार हो सकता है सत्र का तीसरा दिन
मानसून सत्र का चौथा दिन आज काफी हंगामेदार हो सकता है। विपक्षी सदस्य कल पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे। इन मुद्दों पर विपक्षी दल ने सदन के अंदर से लेकर बाहर तक सरकार को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी की है। ऐसे में आज गुरुवार को मानसून सत्र के काफी हंगामेदार होने के आसार दिख रहे हैं। उधर लाठीचार्ज से आक्रोशित छात्रों ने आज भी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। उनकी मुख्य मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।
सोलर स्ट्रीट लाइट के मुद्दे पर NDA विधायकों ने मंत्री को घेरा
सदन में कल बुधवार को तीसरे दिन भी सत्ता पक्ष के विधायक अपने ही मंत्री को कठघरे में खड़ा करते हुए नजर आए। दरअसल मुद्दा ग्रामीण पंचायतों में लगे सोलर स्ट्रीट लाइटों का था। जदयू विधायक श्याम रजक ने यह दावा किया कि, पंचायतों में लगाई गई करीब 70 फीसदी सोलर स्ट्रीट लाइटें खराब हो चुकी हैं। उनका आरोप था कि विभाग ने टेंडर के जरिए एजेंसियों से लाइटें लगवाईं, काम पूरा होने के बाद भुगतान भी हो गया, लेकिन अब भी गांव में कई जगहों पर सोलर लाइटें खराब स्थिति में पड़ी हुई हैं।
इसपर जवाब देते हुए पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने यह स्वीकार किया कि, कई जगहों से सोलर लाइट खराब होने की शिकायतें मिली हैं। हालांकि उन्होंने 70 फीसदी लाइटें बंद होने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि, किसी एजेंसी ने सरकार का पैसा लेकर काम नहीं छोड़ा है।
जीवेश मिश्रा ने दी मंत्री को चुनौती
मंत्री दीपक प्रकाश के जवाब से बीजेपी विधायक जीवेश मिश्रा संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने सदन में खड़ा होते हुए कहा कि, जब सत्ता पक्ष के विधायक ही इतनी बड़ी संख्या में लाइटें खराब होने की बात कह रहे हैं, तो सरकार को जमीनी हकीकत स्वीकार करनी चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने मंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे उनके विधानसभा क्षेत्र में चलकर देखें। वहां 50 फीसदी से ज्यादा सोलर स्ट्रीट लाइटें बंद मिलेंगी। उन्होंने कहा कि विभागीय रिपोर्ट और गांवों की वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है, जिसे मौके पर जाकर आसानी से देखा जा सकता है।
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