पटना। बिहार में NEET-UG पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों के बाद सरकार के आदेश पर आज राज्य की विभिन्न जेलों से प्रदर्शनकारियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सुबह से ही छात्रों के परिजन जेलों के बाहर अपनों का इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले कल देर शाम तेजप्रताप यादव को बेऊर जेल से रिहा किया जा चुका है।

​जेलों के बाहर परिजनों का इंतजार

​सीतामढ़ी से अपने बेटे को लेने पटना पहुंचे राजकुमार ने बताया कि 25 जुलाई को कोचिंग से लौटते वक्त उनके बेटे को पुलिस ने बेउर जेल भेज दिया था। मंगलवार रात रिहाई की सूचना मिलने के बाद वह बुधवार सुबह से ही जेल के बाहर खड़े हैं। इसी तरह पटना के बेउर जेल पहुंचे मोहम्मद वसीर ने बताया कि बिहार बंद के दौरान उनका ममेरा भाई क्लीनिक से बाहर निकलते वक्त पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया था। भाई की रिहाई की खबर पाकर वे सुबह से ही जेल के बाहर मौजूद हैं।

​राहुल गांधी ने घायल छात्र आकाश से की बात

​सीवान में NEET प्रोटेस्ट के दौरान घायल हुए छात्र आकाश यादव का पटना के अस्पताल में इलाज चल रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फोन पर आकाश से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। आकाश ने बताया कि कंधे पर गोली लगने के कारण उनका हाथ काम नहीं कर रहा है। राहुल गांधी ने स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्हें अपना ध्यान रखने की सलाह दी और हरसंभव साथ देने का आश्वासन दिया।

​रूस से आए छात्र का वीडियो वायरल

​किशनगंज जिले के सतमेरी कुलभिटा पंचायत के रहने वाले कोनन राही ने रूस से एक वीडियो जारी कर अपने ऊपर दर्ज FIR पर सवाल उठाए हैं। उसने दावा किया है कि बहादुरगंज में हुए प्रदर्शन के दौरान वह मौके पर मौजूद ही नहीं था। कोनन ने मामले की निष्पक्ष जांच और FIR की समीक्षा करने की मांग की है, हालांकि इस पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

​ऐसे चली कानूनी प्रक्रिया और रिहाई की कार्रवाई

​NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ दो दिनों के प्रदर्शन के दौरान पटना समेत 20 जिलों में कुल 64 FIR दर्ज की गई थीं। सोमवार को राज्य के गृह विभाग ने सभी केस खत्म करने और गिरफ्तार लोगों को छोड़ने की घोषणा की। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने जिलावार सूचियां गृह विभाग को भेजीं, जिसे एडवोकेट जनरल एसडी संजय कुमार के पास भेजा गया। मंगलवार को एडवोकेट जनरल ने सभी 20 जिलों के DM और PP को पत्र लिखकर 26 जुलाई की शाम 6 बजे तक दर्ज सभी 64 FIR को तुरंत वापस लेने के निर्देश दिए।

​जेल में बंद हैं 355 प्रदर्शनकारी

​पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस उपद्रव के सिलसिले में पूरे राज्य से कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से 339 नाबालिगों और छात्रों को उचित वेरिफिकेशन के बाद पहले ही छोड़ दिया गया था। हिंसा में शामिल 355 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, जिनमें से तेज प्रताप यादव को मंगलवार शाम रिहा कर दिया गया। शेष प्रदर्शनकारियों की रिहाई की प्रक्रिया आज से शुरू हो चुकी है।