पटना। भाजपा के जमीनी कार्यकर्ता और संगठन में गहरी पैठ रखने वाले अरविंद शर्मा (सूर्य कुमार शर्मा) निर्विरोध विधान परिषद सदस्य (MLC) चुन लिए गए हैं। यह जीत न केवल भाजपा के लिए सांगठनिक मजबूती का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी है कि पार्टी अपने निष्ठावान कार्यकर्ताओं को उचित मंच देने में पीछे नहीं हटती।

​निर्विरोध निर्वाचन: औपचारिकता के साथ मिली जीत

​बिहार विधान परिषद की विधानसभा कोटे की खाली हुई एक सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी अरविंद शर्मा के सामने किसी अन्य उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल नहीं किया। नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद, निर्वाची पदाधिकारी ने विधिवत रूप से अरविंद शर्मा के निर्विरोध निर्वाचित होने की घोषणा की और उन्हें जीत का प्रमाण पत्र सौंपा। इस जीत के साथ ही बिहार भाजपा के खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई है।

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी बधाई

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अरविंद शर्मा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अरविंद शर्मा का निर्वाचित होना उनके वर्षों के ‘सतत जनसेवा’ और संगठन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का परिणाम है। चौधरी ने उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना करते हुए उनकी मेहनत और निष्ठा को अन्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक बताया।

​मंगल पांडेय के इस्तीफे से रिक्त हुई थी सीट

​उल्लेखनीय है कि यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। राजनीतिक गलियारों में इस सीट के लिए कई बड़े चेहरों की चर्चा थी, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने पर्दे के पीछे रहकर संगठन को मजबूत करने वाले सूर्य कुमार शर्मा (अरविंद शर्मा) पर भरोसा जताकर सबको चौंका दिया।

​पार्टी के ‘साइलेंट’ रणनीतिकार हैं अरविंद शर्मा

​अरविंद शर्मा को बिहार भाजपा के भीतर एक शांत लेकिन प्रभावी रणनीतिकार के रूप में जाना जाता है। वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बेहद करीबी माने जाते हैं। जब सम्राट चौधरी ने बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभाली थी, तब शर्मा को प्रदेश कार्यालय प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने और चुनावी प्रबंधन में उनकी भूमिका हमेशा से सराहनीय रही है। उनकी इस पदोन्नति ने कार्यकर्ताओं के बीच यह सकारात्मक संदेश भेजा है कि भाजपा जमीनी स्तर पर काम करने वालों का सम्मान करती है।