सोहराब आलम/​मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में सोमवार का दिन काल बनकर आया। जिले के विभिन्न हिस्सों में अचानक आए भीषण आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली (वज्रपात) ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से अब तक कुल छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें मासूम बच्चे भी शामिल हैं। तबाही का मंजर ऐसा था कि कहीं पेड़ गिरने से जिंदगियां खत्म हो गईं, तो कहीं आसमानी बिजली ने हंसते-खेलते परिवारों को मातम में डुबो दिया।

​रूपडीह में पेड़ गिरने से टेंपो सवारों की मौत

​सबसे हृदयविदारक घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रूपडीह गांव में हुई। यहां तेज हवाओं के चलते एक विशालकाय पेड़ अचानक सड़क से गुजर रहे एक टेंपो पर गिर गया। पेड़ का वजन इतना अधिक था कि टेंपो पूरी तरह पिचक गया। इस हादसे में वाहन में सवार तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे घायलों को बाहर निकाला गया। दो गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।

​कैथवलिया और सिसवनिया में बिजली का कहर

​सुगौली प्रखंड के कैथवलिया गांव में प्रकृति ने मासूमों को निशाना बनाया। यहां वज्रपात की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया। वहीं, रामगढ़वा थाना क्षेत्र के सिसवनिया गांव में भी आसमानी बिजली गिरने से दो वर्षीय मासूम बच्ची की जान चली गई। इन घटनाओं के बाद से पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।

​आसमान से बरसी आग, आधा दर्जन घर जलकर राख

​रामगढ़वा के सिसवनिया में बिजली गिरने के बाद एक ताड़ के पेड़ में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते इस आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पास की बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और लगभग आधा दर्जन घर जलकर राख हो गए। बाद में दमकल विभाग की टीम ने पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया।

​प्रशासनिक मुस्तैदी और मुआवजे का भरोसा

​घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया गया है। जिला प्रशासन ने इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और सभी पीड़ित परिवारों को सरकारी प्रावधानों के तहत जल्द से जल्द उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।