किशनगंज। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का सीधा असर अब भारतीय आम जनता की जेब पर पड़ने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी के बाद देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में अचानक बड़ा इजाफा कर दिया गया है। तेल कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में सीधे 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। 15 मई से लागू हुई इन नई दरों के बाद पूरे बिहार में हाहाकार मचा हुआ है।
पटना सहित पूरे बिहार में नई दरें लागू
इस मूल्य वृद्धि के बाद राजधानी पटना में पेट्रोल की कीमत अब 105.37 रुपए से बढ़कर 108.67 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गई है। वहीं, डीजल भी 91.65 रुपए से छलांग लगाकर 94.65 रुपए प्रति लीटर हो चुका है। केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि प्रमुख शहरों में सीएनजी (CNG) की कीमतों में भी ₹2 प्रति किलोग्राम तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अचानक लगे झटके से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोग और आम वाहन चालक बेहद परेशान हैं। नालंदा के कारोबारियों का कहना है कि दाम बढ़ने की आशंका तो थी, लेकिन एक बार में 3 रुपए की इतनी बड़ी वृद्धि की उम्मीद किसी को नहीं थी।
गयाजी में उमड़ी भीड़, पुलिस को संभालनी पड़ी कमान
दाम बढ़ने और किल्लत की खबरों के बीच गयाजी में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की मीलों लंबी कतारें देखने को मिलीं। गयाजी के इमामगंज नगर पंचायत स्थित पेट्रोल पंपों पर शुक्रवार सुबह से ही दोपहिया और चार पहिया वाहनों की भारी भीड़ जुट गई। स्थिति इस कदर अनियंत्रित हो गई कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आखिरकार प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
किशनगंज में पंप हुए बंद, बंगाल की ओर मुड़े लोग
सबसे ज्यादा खराब हालात किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड में देखने को मिल रहे हैं। यहां कुल 8 पेट्रोल पंपों में से 4 पूरी तरह बंद हो गए हैं। किशनगंज में पेट्रोल अब 110.26 रुपये और डीजल 3.25 रुपये की वृद्धि के साथ 96.34 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। ऐसे में स्थानीय लोग ईंधन के लिए पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल की सीमाओं का रुख कर रहे हैं।
क्यों बढ़े दाम और क्या आगे भी लगेगी आग?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस मूल्य वृद्धि की मुख्य वजह वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के दामों में आया उछाल है। युद्ध की शुरुआत से पहले जो क्रूड ऑयल 70 डॉलर प्रति बैरल था, वह अब 100 डॉलर के पार जा चुका है। तेल कंपनियां लगातार घाटे के दबाव में थीं, जिसकी भरपाई के लिए यह कदम उठाया गया है। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में कीमतें और भी बढ़ सकती हैं।

