पटना। बिहार की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ लगाने के ऐलान पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने मुख्यमंत्री की तुलना एक विवादित कहावत से करते हुए उन्हें ‘नया मुल्ला’ करार दिया है।

​’नया मुल्ला ज्यादा प्याज खाता है’

​कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने तंज कसते हुए कहा, एक पुरानी कहावत है कि नया मुल्ला प्याज अधिक खाता है। सम्राट चौधरी अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं, इसलिए वह कुछ दिनों तक इसी तरह के दिखावे वाले फैसले लेंगे और ‘प्याज’ अधिक खाएंगे। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में मंत्रियों और अधिकारियों को भेजने का ऐलान केवल जनता को गुमराह करने का एक तरीका है। तिवारी ने नीतीश कुमार के पिछले प्रयोगों का हवाला देते हुए कहा कि जनता अधिकारियों के दरवाजे पर माथा रगड़कर थक गई, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला।

​”भाजपा सरकार में CM होते हैं ब्यूरोक्रेट्स के PA”

​कांग्रेस ने केवल मुख्यमंत्री पर ही नहीं, बल्कि भाजपा की कार्यशैली पर भी हमला बोला। असित नाथ ने आरोप लगाया कि जहां भी भाजपा की सरकार होती है, वहां शासन की कमान नौकरशाहों (ब्यूरोक्रेट्स) के हाथ में होती है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, भाजपा शासित राज्यों में मुख्यमंत्री केवल ब्यूरोक्रेट्स के पीए की तरह काम करते हैं। असली सत्ता अफसरशाही के पास होती है, आम जनता के पास नहीं।

​क्या है सम्राट चौधरी का ‘सहयोग शिविर’ प्लान?

​विवादों के बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जन समस्याओं के समाधान के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत:

  • ​राज्य की प्रत्येक पंचायत में सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे।
  • ​ये शिविर हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को लगेंगे।
  • ​अधिकारी मौके पर ही जनता की फरियाद सुनेंगे और 30 दिनों के भीतर शिकायतों का निपटारा करना अनिवार्य होगा।
  • ​इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर काटने से बचाना है।

​भ्रष्टाचार और ढिलाई पर मुख्यमंत्री की चेतावनी

​सम्राट चौधरी ने प्रशासनिक अमले को सख्त निर्देश दिए हैं कि फाइलों को लटकाने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। डीएम और एसपी के साथ हुई बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में मौजूद रहकर जनता की समस्याएं सुनें। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ‘अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता’ के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी।