सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण ने नियमों का उल्लंघन कर बसाई जा रही अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया है।
संजीव घनगस, सोनीपत। महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) ने जिले में पनप रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त नेहा सिंह के दिशा-निर्देशों के तहत, जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) नीलम शर्मा के नेतृत्व में एसएमडीए की टीम ने गन्नौर क्षेत्र के गांव टेहा और बड़ी की राजस्व भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान निर्माणाधीन प्रॉपर्टी डीलर कार्यालय, चारदीवारी और कॉलोनियों के लिए बनाए गए कच्चे रास्तों को जेसीबी के जरिए मलबे में तब्दील कर दिया गया। यह अभियान अवैध कब्जों के खिलाफ भविष्य में भी जारी रहने की चेतावनी दी गई है।

अवैध प्लॉट खरीदने से बचें नागरिक
डीटीपी नीलम शर्मा ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध कॉलोनी में प्लॉट न खरीदें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कॉलोनियों में सरकार द्वारा सड़क, पानी, सीवरेज या बिजली जैसी कोई भी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती है। उन्होंने आगाह किया कि बिना स्वीकृति वाली कॉलोनियों में निवेश करने से लोगों की मेहनत की कमाई जोखिम में पड़ सकती है। कोई भी प्लॉट खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि कॉलोनी संबंधित विभाग से विधिवत स्वीकृत है या नहीं। यदि कॉलोनी नियमों के विपरीत है, तो प्रशासन उसे बिना किसी नोटिस के कभी भी ध्वस्त कर सकता है।

निर्माण से पहले अनुमति है अनिवार्य
अधिकारी ने बताया कि नियंत्रित क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करने से पूर्व एसएमडीए के सीईओ से अनुमति लेना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर ‘नियंत्रित क्षेत्र अधिनियम’ के प्रावधानों के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नागरिक किसी भी प्लॉट की वैधता की जानकारी के लिए सेक्टर-12 स्थित एसएमडीए कार्यालय के चौथे तल पर संपर्क कर सकते हैं। इस पूरी तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के रूप में एचएसआईआईडीसी बड़ी के वरिष्ठ प्रबंधक जसबीर सिंह के अलावा एसएमडीए की इंफोर्समेंट टीम और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और अवैध निर्माण को सुरक्षित तरीके से हटाया जा सके।

