पटना‌। ​बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ‘हरे गमछे’ को लेकर दिए गए एक विवादास्पद बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इस बयान के बाद उपजे विवाद ने अब कला और संगीत का रूप ले लिया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

​क्या है पूरा मामला?

​विवाद की शुरुआत पिछले शनिवार को पटना में आयोजित एक ‘AI समिट’ के दौरान हुई। मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना में सुरक्षा के लिए 4 हजार से अधिक AI कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि AI सिस्टम को यह निर्देश दे दिया जाए कि “हरे गमछे वाले को खोजो”, तो वह पल भर में ऐसे लोगों की पहचान कर लेगा। हालांकि, बयान के तुरंत बाद उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उनका इशारा किसी खास व्यक्ति या समूह के प्रति नहीं था, लेकिन तब तक बात बिगड़ चुकी थी।

​सोशल मीडिया पर गानों और मीम्स की बाढ़

​मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर ‘हरे गमछे’ को लेकर मीम्स और व्यंग्यात्मक वीडियो की बाढ़ आ गई है। इसी कड़ी में एसकेडी राज यदुवंशी द्वारा तैयार एक भोजपुरी गाना चर्चा का केंद्र बन गया है। गाने के बोल हैं “काहे यादव जी नाम बदनाम बा, यदुकुल में जन्म हुई एकड़ गुमान बा, हरियर गमछिया यादव के शान बा…”। इस गाने को यादव समाज की पहचान और गौरव से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसे लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जमकर शेयर कर रहे हैं।

​राजनीतिक तंज और तीखी प्रतिक्रियाएं

​विपक्ष ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया है:

  • ​तेजस्वी यादव का हमला: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे मुख्यमंत्री की ओछी सोच करार दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान समाज में नफरत फैलाते हैं। उन्होंने सरकार को नसीहत दी कि उसे बेरोजगारी और महंगाई जैसे गंभीर मुद्दों पर काम करना चाहिए, न कि जनता को उलझाना चाहिए।
  • ​रोहिणी आचार्य का प्रहार: रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर 11 तीखे सवाल पूछते हुए एक कार्टून भी साझा किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के पुराने राजनीतिक सफर, फर्जी डिग्री और हलफनामों को लेकर घेरने की कोशिश की।