कुंदन कुमार/पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेत्री राबड़ी देवी का सरकारी आवास (10 सर्कुलर रोड) इन दिनों प्रदेश की राजनीति का मुख्य केंद्र बना हुआ है। भवन निर्माण विभाग द्वारा बंगला खाली करने का नोटिस मिलने के बाद मचे सियासी घमासान के बीच, आज आवास के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
नियमानुकूल नहीं है कार्रवाई: जगदानंद सिंह
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने सरकार के रुख को पूरी तरह से गलत करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी भी तरह से नियमानुकूल नहीं है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा हम इस अन्याय का कड़ा प्रतिकार करेंगे। यदि आवश्यकता पड़ी, तो हम न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
नोटिस के बाद बढ़ी तनातनी
भवन निर्माण विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर राबड़ी देवी को अपना सरकारी बंगला खाली करने का निर्देश दिया है। हालांकि राबड़ी देवी ने इस आदेश को मानने से सिरे से खारिज कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री पहले ही अपनी नाराजगी दर्ज करा चुकी हैं, जिससे प्रशासन और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच आमने-सामने की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
सुरक्षाबलों का घेरा और बंद कमरों में मंथन
आज सुबह से ही 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास के चारों ओर पुलिस प्रशासन की भारी तैनाती कर दी गई, जिससे समर्थकों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। भारी सुरक्षा घेरे के बीच प्रशासनिक आला अधिकारियों की एक टीम आवास के भीतर दाखिल हुई। वहां काफी देर तक बंद कमरों में बातचीत का दौर चला।
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने उन्हें तत्काल प्रभाव से आवास खाली करने के लिए कहा। हालांकि, जब आला अधिकारी चर्चा के बाद बाहर निकले, तो उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। पुलिस अधिकारियों की इस चुप्पी ने स्थिति को और रहस्यमयी बना दिया है।
आगे क्या?
फिलहाल, राबड़ी देवी के आवास पर गहमागहमी बनी हुई है। आरजेडी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्य सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पुलिस की बढ़ती सक्रियता से स्पष्ट है कि प्रशासन इसे जल्द से जल्द हल करना चाहता है। यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर एक बड़ी चुनौती बन चुका है।

