कुंदन कुमार/ पटना। बिहार में बरसात के मौसम को देखते हुए पथ निर्माण विभाग ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। राज्य की बुनियादी संरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग का प्राथमिक लक्ष्य राज्य की सड़कों और पुलों को सुरक्षित एवं आवागमन के योग्य बनाए रखना है।
19 हजार किलोमीटर सड़कों का कायाकल्प
मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने बताया कि वर्तमान में पूरे राज्य में लगभग 19 हजार किलोमीटर लंबी सड़कों के मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्य की गुणवत्ता में कोई समझौता न हो। सरकार का प्रयास है कि राज्य का सड़क नेटवर्क न केवल बेहतर हो, बल्कि यात्रियों के लिए सुखद और सुरक्षित भी बने। इसके लिए विभाग द्वारा नियमित अंतराल पर सड़कों की मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि कहीं भी गड्ढे या टूट-फूट की समस्या न रहे।
पुलों की सुरक्षा और नियमित समीक्षा
सड़कों के साथ-साथ पुलों की स्थिति पर भी विभाग का विशेष ध्यान है। मंत्री ने जानकारी दी कि विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी छोटे-बड़े पुलों की समीक्षा प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। कई चिन्हित पुलों की मरम्मत का कार्य पहले ही शुरू किया जा चुका है और आवश्यकतानुसार अन्य पुलों पर भी काम जारी है।
मानसून में सुगम आवागमन की प्राथमिकता
बरसात के दिनों में अक्सर जलजमाव या सड़कों के खराब होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए मंत्री ने आश्वासन दिया कि, हमारा मुख्य उद्देश्य यह है कि मानसून के दौरान भी आम जनता को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है कि यात्रा बाधा मुक्त रहे। यह पहल बिहार की परिवहन व्यवस्था में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लाएगी जिससे आम नागरिकों का सफर आसान होगा।

