कुंदन कुमार/ पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने राज्य सरकार द्वारा हाल ही में आयोजित ‘सहयोग शिविरों’ की सफलता पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने इन शिविरों को जनता के लिए एक बड़ी राहत और सरकारी कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
​उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सहयोग शिविरों के प्रति लोगों में खासा उत्साह देखा गया और उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने पूर्व में अपनी समस्याएं ऑनलाइन दर्ज कराई थीं, उनकी शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर उन्हें आवश्यक दस्तावेज सौंपे गए। इन शिविरों की विशेषता यह रही कि विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं को एक ही छत के नीचे हल किया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो लोग अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते थे, अब प्रशासन खुद उनके गांव तक पहुंचा है। उनके अनुसार, जब स्थल पर ही किसी की समस्या का समाधान होता है, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ होता है।

​अपराध और ‘जीरो टॉलरेंस’ पर सरकार का रुख

​राजनीतिक बयानों और अपराध नियंत्रण पर टिप्पणी करते हुए विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। उन्होंने तेजस्वी यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों में बड़ी संख्या में अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हुई है और वे किसी विशेष जाति के नहीं थे। उन्होंने दोहराया कि सरकार अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर दृढ़ता से कायम है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीति को आगे बढ़ाते हुए, वर्तमान में सरकार ने इसे ‘ट्रिपल सी’ (Crime, Corruption, Communalism के खिलाफ) का नाम दिया है और अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

​राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार

​देश की आर्थिक स्थिति को लेकर राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयानों पर उपमुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के अहित में बोलने के लिए कुख्यात हो चुके हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी की बातों को न तो देश के भीतर और न ही दुनिया के किसी हिस्से में गंभीरता से लिया जाता है।