Bihar news: बिहार में टोल टैक्स को लेकर मची असमंजस की स्थिति पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विराम लगा दिया है। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में जारी टोल दरों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि स्टेट हाईवे पर अब केवल कमर्शियल (व्यावसायिक) वाहनों को ही टोल टैक्स देना होगा; निजी वाहनों को इससे पूरी तरह मुक्त रखा गया है। फारबिसगंज में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालना चाहती।
अपराध और घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिहार में अपराधियों और घुसपैठियों के लिए कोई स्थान नहीं है। कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में 735 किलोमीटर के दायरे में 194 बॉर्डर आउटपोस्ट को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद और सुरक्षा के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
विकास और जन-कल्याणकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने सीमांचल क्षेत्र के विकास हेतु कई बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की:
- आधारभूत संरचना: गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, कोसी-मेची लिंक परियोजना और फारबिसगंज आरओबी से क्षेत्र में कनेक्टिविटी और सिंचाई व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
- शिक्षा व स्वास्थ्य: फारबिसगंज में नए हवाई अड्डे का निर्माण अगले वित्तीय वर्ष से शुरू होगा, साथ ही अररिया मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास जल्द किया जाएगा। राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज और सरकारी हाई स्कूलों में आईआईटी-नीट की मुफ्त कोचिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी।
- सामाजिक सुरक्षा: पेंशन राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, हर परिवार को 125 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी, और रूफटॉप सोलर से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली बेचने पर लाभ सीधा खाते में प्राप्त होगा।
प्रशासनिक जवाबदेही और सुपर अपील
सरकार ने नौकरशाही की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जन-शिकायत शिविरों में प्राप्त आवेदनों का निपटारा 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित हो अन्यथा संबंधित अधिकारी पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यदि किसी की समस्या का समाधान नहीं होता है, तो मुख्यमंत्री स्वयं पटना में हर महीने के दूसरे मंगलवार को सुपर अपील के तहत सुनवाई करेंगे।

