पटना। बिहार के छात्रों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दी जाने वाली बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मिलने वाली 4 लाख रुपये तक की लोन की सुविधा पहले की तरह ही मिलती रहेगी। हाल ही में लोन की सीमा घटाकर 2 लाख रुपये करने और बाकी राशि बैंकों के माध्यम से देने को लेकर जो असमंजस की स्थिति बनी थी, उस पर अब पूरी तरह विराम लग गया है।

​असमंजस और राजनीतिक हलचल

​हाल ही में प्रशासनिक नोटिफिकेशन के बाद यह चर्चा शुरू हो गई थी कि सरकार ने अधिकतम लोन सीमा को घटाकर 2 लाख रुपये कर दिया है और शेष राशि के लिए छात्रों को कमर्शियल बैंकों पर निर्भर रहना होगा। इस बदलाव की खबरों के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई थी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और जन सुराज पार्टी के प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह सहित कई नेताओं ने सरकार पर हमला बोला था। बढ़ते राजनीतिक दबाव और छात्रों की चिंता को देखते हुए सरकार ने तुरंत स्थिति स्पष्ट की।

​सरकार की स्थिति स्पष्ट: मिलेगा पूरा 4 लाख का लाभ

​बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के उच्च शिक्षा के मार्ग में आर्थिक तंगी को कभी भी बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।

  • ​सोशल मीडिया पर स्पष्टीकरण: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से विद्यार्थियों और अभिभावकों को आश्वस्त किया कि 4 लाख रुपये तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड लोन आगे भी पूर्ववत जारी रहेगा।
  • ​बजट का प्रावधान: युवाओं की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना हेतु 886 करोड़ रुपये और वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 950 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति दी है।

​नई व्यवस्था और कार्यप्रणाली

​प्रशासनिक स्तर पर लोन वितरण की प्रक्रिया में थोड़ा बदलाव जरूर किया गया है ताकि व्यवस्था सुचारू चल सके। नई व्यवस्था के तहत 2 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण सीधे बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से दिया जाएगा, जबकि 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की शेष वित्तीय सहायता अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (Commercial Banks) के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी। कुल मिलाकर छात्रों को मिलने वाली कुल वित्तीय सहायता 4 लाख रुपये ही रहेगी। सरकार के इस कदम से छात्रों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।