बिहार में शिक्षक नियुक्ति परीक्षा (TRE-4) और अन्य लंबित परीक्षाओं की मांग को लेकर राजधानी पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का अनिश्चितकालीन ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ शुरू हो गया है। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में भारी संख्या में छात्र राष्ट्रगान, वंदे मातरम और भजन गाकर शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ, तो शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा।

​शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का बड़ा बयान

​छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन के बीच बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि TRE-4 का नोटिफिकेशन किसी भी वक्त जारी किया जा सकता है। शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार जितनी घोषणा की गई थी, vacancies उससे भी अधिक संख्या में निकाली जाएंगी। हालांकि, छात्र नेताओं का कहना है कि वे अब जुबानी आश्वासनों वाले ‘लॉलीपॉप’ के झांसे में नहीं आएंगे और उन्हें जल्द से जल्द ठोस परिणाम चाहिए।

​चिराग पासवान की सम्राट चौधरी को चिट्ठी

​छात्रों के इस आंदोलन और प्रदर्शन के माहौल के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक पत्र लिखा है। इस चिट्ठी के माध्यम से उन्होंने असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली प्रक्रिया में गेस्ट टीचर्स को प्राथमिकता दिए जाने समेत कुल 7 प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी हैं, जिससे राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है।

​छात्रों का तीखा रुख और चेतावनी

​गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि पिछले शिक्षा मंत्रियों की तरह मौजूदा मंत्री भी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। गुस्साए छात्रों ने कहा कि यदि शिक्षा मंत्री समय पर नोटिफिकेशन जारी करने में असमर्थ हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। छात्र अपनी मांगों पर पूरी तरह अडिग हैं और आने वाले समय में आंदोलन को और तेज करने की बात कह रहे हैं।