पटना। बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए तबादले की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। शिक्षा विभाग की नई स्थानांतरण पॉलिसी के तहत आवेदन लेने के लिए बुधवार से आधिकारिक पोर्टल की शुरुआत की जा रही है। शिक्षकों के ये तबादले पूरी तरह से ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से तीन अलग-अलग चरणों में संपन्न किए जाएंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम बनी रहे।

​तीन चरणों में होगी पूरी तबादला प्रक्रिया

​शिक्षकों के सुचारू समायोजन और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस पूरी प्रक्रिया को तीन प्रमुख चरणों में बांटा गया है:

  • ​पहला चरण (समानुपातीकरण एवं समायोजन): इस चरण के तहत समानुपातीकरण और शिक्षकों के समायोजन के आधार पर स्थानांतरण किए जाएंगे। इसके लिए 5 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसके पश्चात 7 अगस्त से 9 सितंबर के बीच जिला, प्रमंडल और राज्य स्थापना समिति की बैठकें होंगी। इसी दौरान समायोजन की सूची जारी होगी और उस पर शिक्षकों की आपत्तियां व अपीलें भी ली जाएंगी।
  • ​दूसरा चरण (म्यूचुअल ट्रांसफर): यह चरण 10 सितंबर से 14 सितंबर तक संचालित होगा। इसके अंतर्गत जिला, प्रमंडल और राज्य स्थापना समिति द्वारा जिला एवं प्रमंडल संवर्ग के शिक्षकों के बीच पारस्परिक (म्यूचुअल) स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
  • ​तीसरे चरण (सामान्य स्थानांतरण): समायोजन और म्यूचुअल ट्रांसफर के बाद तीसरे और अंतिम चरण में सामान्य तबादले होंगे। इसके तहत 16 सितंबर को विद्यालयवार संशोधित रिक्तियों का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद शिक्षक अपनी सुविधा और आवश्यकतानुसार विद्यालयों का विकल्प चुन सकेंगे और 17 सितंबर से 23 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। प्राप्त आवेदनों पर 24 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच समितियों द्वारा सामान्य स्थानांतरण की अंतिम सूची जारी की जाएगी।

​शिक्षक नियमावली में संशोधन: परिवीक्षा अवधि वाले शिक्षकों को भी राहत

​इस तबादला प्रक्रिया के बीच शिक्षा विभाग ने शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 में एक महत्वपूर्ण संशोधन किया है। इसके तहत बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के माध्यम से नियुक्त वे शिक्षक और प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर), जो वर्तमान में दो वर्षों की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि में हैं, वे भी अपने तबादले के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। विभाग के इस निर्णय से हजारों नवनियुक्त शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।