शिवहर। जिले में पुलिस ने मानव तस्करी और अवैध धंधों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसपी शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तरियानी थाना क्षेत्र के सुमहूती बाजार स्थित आर्यन म्यूजिकल नामक आर्केस्ट्रा केंद्र पर औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो नाबालिग किशोरियों को बंधन मुक्त कराते हुए सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया है।
​यह पूरी कार्रवाई शिवहर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘नया सवेरा 3.0’ के तहत की गई है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इस क्षेत्र में आर्केस्ट्रा की आड़ में नाबालिग बालिकाओं से जबरन अवांछित कार्य और देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल डीएसपी ट्रैफिक सह मानव व्यापार निरोधी इकाई के नोडल पदाधिकारी भाई भरत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया था। इस टीम में तरियानी थाना और जिला आसूचना इकाई के अधिकारी भी शामिल थे।

​संचालकों की गिरफ्तारी और खुलासे

​छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के राजेपुर थाना अंतर्गत मदुआहां निवासी मनीष कुमार (आर्केस्ट्रा संचालक) और पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ थाना क्षेत्र स्थित चंदनसौर निवासी मो. कासिम की पुत्री रिंकी कुमारी उर्फ रिंकी खातून के रूप में हुई है।
​प्राथमिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये संचालक भोले-भाले परिवारों की नाबालिग बालिकाओं को अपने जाल में फंसाकर जबरन अवैध गतिविधियों में झोंकते थे। पश्चिम बंगाल की महिला सहयोगी की इस धंधे में संलिप्तता मिलने से कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, और पुलिस इस नेटवर्क के अंतरराज्यीय संबंधों की भी गहराई से छानबीन कर रही है।

​पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति और आगे की कार्रवाई

​समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान एसपी शैलेंद्र सिंह ने इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नाबालिगों के शारीरिक शोषण और मानव व्यापार से जुड़े मामलों में पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है।
​तरियानी थाने में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों, तकनीकी प्रमाणों और गिरफ्तार आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर इस गिरोह के अन्य सहयोगियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार की सख्त और समय पर की गई पुलिसिया कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और बाल तस्करी पर प्रभावी रोक लगेगी।