पटना। राज्य में होने वाली शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया के चौथे चरण यानी टीआरई 4 में लगभग 2 हजार सीटों का इजाफा होने की पूरी संभावना है। इन अतिरिक्त सीटों को मुख्य रूप से नौवीं से बारहवीं कक्षा के उच्च माध्यमिक और माध्यमिक विद्यालयों के लिए जोड़ा जाएगा। शिक्षा विभाग के इस नए कदम से कुल रिक्तियों का आंकड़ा 34 हजार के पार पहुंच जाएगा, जिससे हजारों योग्य उम्मीदवारों के शिक्षक बनने का सपना साकार होगा।
विषयवार और कक्षाओं के अनुसार पदों का विस्तृत विवरण
शिक्षा विभाग ने इससे पहले टीआरई 4 के तहत कुल 32,388 पदों पर भर्ती करने के लिए बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी को आधिकारिक अधियाचना भेज दी थी। इस पूर्व निर्धारित योजना के तहत विभिन्न कक्षाओं के लिए पदों का वर्गीकरण कुछ इस प्रकार किया गया है:
- पहली से पांचवीं कक्षा (प्राथमिक स्तर): 3,847 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
- छठी से आठवीं कक्षा (उच्च प्राथमिक स्तर): 8,563 शिक्षकों के पद आरक्षित किए गए हैं।
- नौवीं और दसवीं कक्षा (माध्यमिक स्तर): 3,877 शिक्षकों की नियुक्ति होगी।
- ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा (उच्च माध्यमिक स्तर): 22 अलग-अलग विषयों के लिए 16,101 शिक्षकों के पदों पर चयन होगा।
अब जिलों से रिक्तियों की नई रिपोर्ट मिलने के बाद इन सभी आंकड़ों में संशोधन किया जाएगा और सीटों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जाएगी।
गणित, विज्ञान और कॉमर्स के शिक्षकों की भारी मांग
भले ही बिहार के सरकारी स्कूलों में कुल मिलाकर 1.06 लाख शिक्षक सरप्लस श्रेणी में आते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी उच्च कक्षाओं में कई महत्वपूर्ण विषयों के योग्य शिक्षकों का गंभीर अभाव बना हुआ है। राज्यभर में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक लगभग 10 हजार विद्यालय संचालित होते हैं। इनमें से करीब 7 हजार स्कूलों में केवल गणित, भौतिकी (फिजिक्स) और रसायन शास्त्र (केमिस्ट्री) जैसे विज्ञान के विषयों के शिक्षकों की भारी कमी देखी जा रही है।
इसे ध्यान में रखते हुए, शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों से टीआरई 3 के अंतर्गत बची हुई खाली सीटों का पूरा ब्योरा तलब किया है। विभाग की ओर से कुल 14 विभिन्न विषयों में रिक्तियों की जानकारी मांगी गई है। इनमें गणित, विज्ञान, कॉमर्स के साथ-साथ बंगला, पाली, प्राकृत, फाइन आर्ट या ललित कला, नृत्य, मैथिली, भोजपुरी तथा श्रवण बाधित और दृष्टि बाधित विद्यार्थियों से जुड़े विशेष शिक्षकों के पद शामिल हैं। यह सभी आंकड़े कक्षावार, विषयवार और श्रेणीवार (जाति के अनुसार) मांगे गए हैं, ताकि रोस्टर के अनुसार पारदर्शी तरीके से बहाली प्रक्रिया पूरी हो सके।
पिछले चरणों की सफलता और भविष्य की योजनाएं
बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगातार चरणबद्ध तरीके से नियुक्तियां कर रही है। अब तक आयोजित हुए शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के आंकड़े बेहद प्रभावशाली रहे हैं:
- टीआरई 1: इस प्रथम चरण में कुल 1.20 लाख अभ्यर्थियों का चयन हुआ था।
- टीआरई 2: दूसरे चरण के दौरान लगभग 70 हजार शिक्षकों की भर्ती की गई।
- टीआरई 3: तीसरे चरण की प्रक्रिया के तहत 66,603 उम्मीदवारों को सफलता मिली।
इन तीनों चरणों को मिलाकर अब तक कुल 2.55 लाख से अधिक शिक्षकों की सफलतापूर्वक भर्ती की जा चुकी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर ने स्पष्ट किया है कि टीआरई 3 के बाद खाली रहने वाली सीटों की जिलावार समीक्षा के बाद टीआरई 4 में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि टीआरई 4 की प्रक्रिया संपन्न होने के तुरंत बाद टीआरई 5 की रूपरेखा तैयार की जाएगी। पांचवें चरण की वैकेंसी उस समय उपलब्ध रिक्त सीटों, कुल छात्र संख्या और सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के सटीक आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद ही निकाली जाएगी।


