पटना। बिहार में शिक्षक बहाली की चौथे चरण की प्रक्रिया (TRE-4) को लेकर उपजे असंतोष और अभ्यर्थियों के लगातार प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आज शाम 5 बजे एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है। इसमें शिक्षा विभाग के मंत्री मिथिलेश तिवारी, विभाग के शीर्ष अधिकारी और मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
बैठक का मुख्य एजेंडा: नोटिफिकेशन पर मंथन
इस बैठक का प्राथमिक उद्देश्य TRE-4 के नोटिफिकेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट करना है। लंबे समय से बहाली का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के दबाव और लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद, सरकार अब इस मामले को प्राथमिकता दे रही है। बैठक में शिक्षा विभाग के कामकाज की गहन समीक्षा के साथ-साथ विज्ञापन जारी करने में आ रही तकनीकी बाधाओं और अभ्यर्थियों के फीडबैक पर चर्चा की जाएगी। सरकार का प्रयास है कि जल्द से जल्द कोई ठोस निर्णय लिया जाए ताकि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
तेजस्वी यादव का तीखा हमला: ‘सरकार की नीयत साफ नहीं’
TRE-4 की मांग को लेकर पटना में अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद यह मुद्दा अब पूरी तरह राजनीतिक हो चुका है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर युवाओं के साथ ‘अन्याय और विश्वासघात’ करने का आरोप लगाया है।
तेजस्वी ने अपने सोशल मीडिया (X) पर तीखे प्रहार करते हुए कहा, “सरकार की नीयत ही TRE-4 की वैकेंसी निकालने की नहीं है, तभी महीनों बीत जाने के बाद भी नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है।” उन्होंने युवाओं पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए पूछा कि नौकरी मांगना अपराध कैसे हो गया? तेजस्वी ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि पुलिस बल का उपयोग भ्रष्टाचार और अपराध रोकने में होना चाहिए, न कि अपनी आवाज उठा रहे युवाओं को दबाने में।
17 महीने बनाम वर्तमान शासन
अपनी बात को पुख्ता करते हुए तेजस्वी यादव ने अपने 17 महीने के कार्यकाल का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान बिना किसी पेपर लीक के पारदर्शिता के साथ TRE-1 और TRE-2 परीक्षाएं आयोजित की गईं। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में 2 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति हुई और करीब 1.30 लाख पदों पर प्रक्रिया जारी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार और मंत्री केवल ‘रील्स’ बनाने और परिवारवाद में व्यस्त हैं, जबकि युवाओं का भविष्य अंधकार में है।
फिलहाल, अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है और सभी की निगाहें आज शाम होने वाली हाईलेवल बैठक के नतीजों पर टिकी हैं।

