कुंदन कुमार/ पटना। बिहार में टेंडर प्रबंधन और भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों योगेश कुमार सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई ED (प्रवर्तन निदेशालय) की उस जांच रिपोर्ट के बाद की गई है, जिसमें ठेकेदार रिशु श्री की संलिप्तता और उसके द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभावित करने का खुलासा हुआ है।

​रिशु श्री का टेंडर मैनेजमेंट नेटवर्क

​जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार ठेकेदार रिशु श्री राज्य के विभिन्न विभागों में सचिव से लेकर नगर आयुक्त स्तर तक के अधिकारियों को अपनी उंगलियों पर नचाता था। उसका काम टेंडर मैनेज करना और अपने चहेते अधिकारियों को प्रमुख पदों पर पोस्टिंग दिलाना था। इस बदले में, वह अधिकारियों को महंगे तोहफे और आलीशान यात्राएं प्रायोजित करता था।

​IAS योगेश कुमार सागर: यूरोप यात्रा और विवाद

​2017 बैच के IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर वर्तमान में समाज कल्याण विभाग में तैनात हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने ठेकेदार रिशु श्री से अपने परिवार के 8 सदस्यों के साथ यूरोप यात्रा का खर्च उठाया। जून 2024 में हुई इस यात्रा में ऑस्ट्रिया के वियना, साल्जबर्ग और वॉल्फगैंग शहरों में होटल और हवाई यात्रा पर लगभग 21.92 लाख रुपए खर्च किए गए, जिसका भुगतान रिशु श्री ने किया।
​योगेश कुमार सागर का जीवन संघर्षपूर्ण रहा है। उत्तर प्रदेश के बरेली के मूल निवासी योगेश के पिता कस्टम विभाग में कांस्टेबल थे। 1990 में पिता की मृत्यु के बाद परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई थी। उन्होंने अभावों में पढ़ाई पूरी की और 2012 में KGMU से MBBS किया। उन्होंने सिविल सेवा में पहले IRS और बाद में 223वीं रैंक के साथ IAS का पद हासिल किया। उन्होंने फारबिसगंज SDO से लेकर बुडको के MD तक के पद संभाले हैं।

​IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा पर लगे आरोप

​बिहार कैडर की 2014 बैच की IAS अधिकारी अभिलाषा शर्मा ग्रामीण विकास विभाग में जीविका की CEO हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने रिशु श्री से व्यक्तिगत लाभ लिए। जांच में पाया गया कि उनके आवास पर छत के बगीचे (रुफटॉप गार्डन) के निर्माण के लिए 9 लाख रुपए ठेकेदार ने खर्च किए। इसके अलावा, उन्होंने अपने रिश्तेदारों की गोवा, दिल्ली और हैदराबाद यात्रा का खर्च और महंगे गिफ्ट्स, जैसे आईफोन, रिशु श्री से लिए। अभिलाषा ने सीतामढ़ी की DM और वित्त विभाग में संयुक्त सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।

​IAS अधिकारियों का वेतन ढांचा

​इस मामले के बाद प्रशासनिक सेवाओं में मिलने वाले वेतन पर भी चर्चा तेज हो गई है। एक IAS अधिकारी का शुरुआती वेतन करीब 84 हजार रुपए होता है। सेवा के वर्षों और प्रमोशन के आधार पर बेसिक वेतन 2.5 लाख रुपए और कुल वेतन 3.69 लाख रुपए तक पहुंच सकता है। इसमें DA, HRA और TA जैसे कई भत्ते शामिल होते हैं। इतने ऊंचे वेतन और सुविधाओं के बावजूद, भ्रष्टाचार के मामले प्रशासनिक तंत्र की शुचिता पर बड़े सवाल खड़े करते हैं।
​फिलहाल सरकार द्वारा की गई यह निलंबन की कार्रवाई इस बात का संकेत है कि प्रशासनिक स्तर पर अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।