कुंदन कुमार/पटना। बिहार की सियासत में महागठबंधन के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) प्रमुख मुकेश सहनी को बड़ा झटका देते हुए, उनकी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उनके बेहद करीबी माने जाने वाले मधुकर आनंद ने वीआईपी को अलविदा कह दिया है। मधुकर आनंद ने अपनी पत्नी और फतुहा की प्रखंड प्रमुख श्रुति श्री के साथ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सदस्यता ग्रहण कर ली है।

​बीजेपी कार्यालय में हुआ स्वागत

​पटना स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मधुकर आनंद और उनकी पत्नी को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकासवादी नीतियों में बढ़ती आस्था के कारण लगातार विभिन्न दलों के नेता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि मधुकर आनंद के आने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी।

​पार्टी में काम करने का स्पेस खत्म हो गया था

​बीजेपी में शामिल होने के बाद मधुकर आनंद ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीआईपी छोड़ने का निर्णय उनका व्यक्तिगत है। उन्होंने कहा पार्टी के भीतर अब काम करने के लिए कोई स्पेस नहीं बचा था। परिस्थितियां ऐसी बन गई थीं कि मैं पार्टी की मुख्यधारा के साथ सामंजस्य बिठा पाने में असमर्थ था। मुझे वहां अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा था।

​गठबंधन के फैसले पर उठाए सवाल

​महागठबंधन में मुकेश सहनी के शामिल होने के निर्णय पर तंज कसते हुए मधुकर आनंद ने कहा कि उन्होंने पहले ही मुकेश सहनी को आगाह किया था कि महागठबंधन का हिस्सा बनना गलत होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी के साथ जाने का फैसला वीआईपी के लिए विनाशकारी साबित हो रहा है। आनंद ने कहा हमने उन्हें समझाया था कि आरजेडी हमें बर्बाद कर देगी लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। आज पार्टी की जो स्थिति है, वह सबके सामने है।

​बांकीपुर में बीजेपी को मिलेगी मजबूती

​मधुकर आनंद ने संकल्प लिया कि वे अब पूरी निष्ठा के साथ बीजेपी के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि वे बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से आते हैं और वहां पार्टी को चुनाव जिताने के लिए अपना तन-मन-धन लगा देंगे। इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है कि क्या आने वाले दिनों में वीआईपी में और भी टूट देखने को मिलेगी।