पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर कमजोर पड़ गया है। मौसम विभाग ने आज यानी 13 सितंबर को राज्य के किसी भी जिले के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, बेगूसराय में तेज हवा के साथ बारिश हो रही है। दूसरी ओर, कई जिलों में बाढ़ का कहर अब भी जारी है। राज्य के 14 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 44 लाख की आबादी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। प्रदेश की 8 नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
आज कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार में अगले दो-तीन दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। उत्तर और पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन फिलहाल किसी जिले के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, चंपारण, सहरसा और पूर्णिया समेत उत्तर-पूर्वी हिस्सों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं, दक्षिण-पश्चिमी बिहार के बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद और गया समेत आसपास के इलाकों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।
चार दिन कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी पटना में अगले चार दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हो सकती है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 14 सितंबर को पटना का अधिकतम तापमान करीब 33 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 15 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार हल्की बारिश होने की संभावना है। 16 सितंबर को भी पटना में बादल छाए रहने का अनुमान है। इस दिन कुछ इलाकों में वज्रपात की आशंका जताई गई है। अधिकतम तापमान में करीब 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
पिछले 24 घंटे के दौरान मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां में सबसे ज्यादा 44.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मुशहरी में 36.6 मिमी, कांटी में 35.8 मिमी और मोतीपुर में 32.8 मिमी बारिश हुई। पटना जिले के दुल्हिन बाजार में भी 35.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि, राज्य में बारिश का दायरा सीमित रहा और कई इलाकों में मौसम शुष्क रहा।
बिहार में बाढ़ से हालात गंभीर
मानसून कमजोर होने के बावजूद बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। 14 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 44 लाख लोग बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। राज्य की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
भागलपुर में बरारी श्मशान घाट पानी में डूब गया है। इसके बाद सड़क किनारे चिताएं जलाने की स्थिति बनी हुई है। वहीं, सुल्तानगंज का श्मशान घाट भी चारों तरफ से पानी से घिर गया है और टापू में तब्दील हो गया है। दानापुर में भी बाढ़ पीड़ितों की परेशानी कम नहीं हुई है। लोग कंधे तक पानी में उतरकर राशन लेने पहुंच रहे हैं।
बेगूसराय में जलजमाव का अनोखा विरोध
बेगूसराय के कई गांवों और मोहल्लों में बाढ़ और जलजमाव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जलजमाव से परेशान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध किया। लोगों ने फीता काटकर और केक काटकर जलजमाव का विरोध जताया। वहीं, खगड़िया के एक शिव मंदिर में भी कमर तक पानी भर गया है। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिहार में सामान्य से 34% कम बारिश
इस मानसूनी सीजन में बिहार में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। राज्य में अब तक 568.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 867.7 मिमी है। यानी इस सीजन में बिहार में सामान्य से करीब 34 फीसदी कम बारिश हुई है।
शनिवार को कैसा रहा मौसम?
शनिवार को बिहार में मानसून की गतिविधियां कमजोर रहीं। इसके बावजूद राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य में सबसे अधिक तापमान कैमूर के भभुआ में 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो राज्य में सबसे कम रहा।कुल मिलाकर बिहार में मानसून फिलहाल कमजोर है और आज किसी भी जिले के लिए बारिश का अलर्ट नहीं है। हालांकि, उत्तर-पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। दूसरी तरफ, कई जिलों में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर है और लाखों लोग प्रभावित हैं।



