Weather news: पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि मौसम विभाग ने पूरे राज्य में बारिश को लेकर चेतावनी जारी कर दी है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
34 जिलों में यलो और 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज बिहार के 34 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी ओर, पश्चिम चंपारण, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। राजधानी पटना में भी पूरे दिन बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में तेज बारिश होने के आसार हैं।
वज्रपात से पांच किसानों की दर्दनाक मौत
राज्य में बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) का खतरा भी लगातार बना हुआ है। सोमवार को खराब मौसम और वज्रपात की चपेट में आने से राज्य के अलग-अलग जिलों में पांच लोगों की जान चली गई। इसमें बांका में 2, समस्तीपुर में 2 और खगड़िया में 1 किसान की मौत की दुखद खबर सामने आई है। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
- 5 अगस्त: किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा और मधुबनी जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पटना, नालंदा, गया, भोजपुर, बक्सर और रोहतास में भी छिटपुट बारिश के साथ बादल छाए रहेंगे।
- 6 अगस्त: बिहार के कई अन्य जिलों में भी बादलों की आवाजाही और हल्की से मध्यम बारिश का दौर लगातार जारी रहने का अनुमान है।
अब भी सामान्य से 43% कम हुई है बारिश
भले ही पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियों में तेजी आई है, लेकिन इस मानसून सीजन में बिहार में बारिश की स्थिति अब तक काफी कमजोर रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि तक राज्य में सामान्य तौर पर 422 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 299 मिलीमीटर वर्षा ही दर्ज की गई है। इस प्रकार, बिहार में अब तक लगभग 43 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिससे किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
क्यों बदला हुआ है मौसम का मिजाज?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में मानसूनी ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति के करीब बनी हुई है। इसके साथ ही, बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी से भरपूर पूर्वी हवाएं बिहार की ओर आ रही हैं। वातावरण में अत्यधिक नमी और स्थानीय स्तर पर बादलों के तेजी से निर्माण के कारण गरज-चमक, वज्रपात और बारिश की गतिविधियों में यह बढ़ोतरी हुई है। यह मौसमी प्रणाली अगले 24 से 48 घंटों तक पूरी तरह सक्रिय रह सकती है।


