गौरव जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। बिलासपुर से जबलपुर तक बन रहे राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के निर्माण में हो रही देरी और सड़क की गुणवत्ता को लेकर अब जनप्रतिनिधियों ने भी कड़ा रुख अपनाया है। गौरेला-पेंड्रा के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू तथा कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की बात कही है।
मीडिया से चर्चा के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने खुद माना कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मानकों पर खरा नहीं उतरा तो ब्लैकलिस्ट होगा ठेकेदार

तोखन साहू ने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा ठेकेदार निर्धारित समय-सीमा और निर्माण मानकों के अनुरूप काम नहीं करता है, तो उसके खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जानी चाहिए।
मंत्री के मुताबिक, यदि ठेकेदार नियमों और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार काम करने में विफल रहता है, तो टेंडर निरस्त कर री-टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उनका कहना है कि जरूरत पड़ने पर नए ठेकेदार के माध्यम से काम जल्द पूरा कराया जाएगा, ताकि लोगों को लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत मिल सके।
अटल श्रीवास्तव बोले- जनता के टैक्स का पैसा है, किसी मंत्री या उनके बेटे का नहीं

वहीं कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने भी सड़क की खराब स्थिति और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ठेकेदार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह जनता के टैक्स के पैसे से बन रही सड़क है और इसके निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।
अटल श्रीवास्तव ने कहा, “जनता का पैसा है, किसी मंत्री या उनके बेटे का नहीं।” उन्होंने सड़क निर्माण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विधायक ने यह भी कहा कि कार्रवाई पार्टी देखकर नहीं, बल्कि काम की गुणवत्ता देखकर होनी चाहिए। उनके मुताबिक ठेकेदार चाहे पूर्व मंत्री से जुड़ा हो, सत्तारूढ़ दल से संबंधित हो या कांग्रेस का कार्यकर्ता हो, यदि निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया गया है तो किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए।
अटल श्रीवास्तव ने चेतावनी दी कि यदि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया और स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे जनता के हक में उग्र आंदोलन करेंगे।
500 करोड़ से अधिक की लागत, 97 किलोमीटर सड़क

बिलासपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण सड़क परियोजना है। करीब 97 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कराया जा रहा है। निर्माण कार्य को तीन पैकेज में बांटा गया है। इनमें रतनपुर से केंदा, केंदा से कारियाम घाट और कारियाम घाट से केवची तक का हिस्सा शामिल है।
यह मार्ग गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग होने के साथ ही छत्तीसगढ़ को मध्य प्रदेश के जबलपुर और शहडोल सहित आगे उत्तर प्रदेश और बिहार से जोड़ने वाली प्रमुख अंतरराज्यीय सड़क के रूप में भी देखा जाता है।
दो साल से निर्माण, बारिश ने बढ़ाई परेशानी

स्थानीय लोगों के मुताबिक निर्माण कार्य शुरू हुए करीब दो साल का समय बीत चुका है, लेकिन सड़क निर्माण की धीमी गति के कारण कई हिस्सों में आवागमन अब भी मुश्किल बना हुआ है। मानसून की शुरुआती बारिश के बाद निर्माणाधीन सड़क के कई हिस्सों में गड्ढे और क्षतिग्रस्त सतह सामने आने से गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

गड्ढों, अधूरे निर्माण और सड़क की खराब स्थिति के चलते कई जगहों पर यातायात प्रभावित होने और जाम की स्थिति बनने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लंबी दूरी के यात्रियों के साथ बसों और एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब केंद्रीय मंत्री द्वारा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाने और कोटा विधायक की आंदोलन की चेतावनी के बाद इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना पर कार्रवाई और निर्माण कार्य में तेजी को लेकर लोगों की नजरें प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसी पर टिकी हैं।
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