कुंदन कुमार/ पटना। ​बीजेपी नेताओं ने प्रेस और आयोग के सामने दावा किया कि प्रशांत किशोर की पत्नी के नाम से पंजीकृत एक छोटी कंपनी के जरिए भारी-भरकम राशि का लेनदेन किया जा रहा है। शाहनवाज हुसैन ने सवाल उठाया कि जिस कंपनी की नेटवर्थ महज पांच लाख रुपये है, जिसके पास न तो कोई विधिवत दफ्तर है और न ही पर्याप्त कर्मचारी, वह चुनाव से पहले करोड़ों रुपये की भारी फंडिंग कहां से ला रही है?

​पार्टी ने इसे सीधा मनी लॉन्ड्रिंग और चुनावी भ्रष्टाचार का गंभीर मामला करार दिया है। बीजेपी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि इस पूरे वित्तीय लेन-देन की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराई जाए। नेताओं के अनुसार, इस अभियान में कई विदेशी बैंक खातों का भी इस्तेमाल किए जाने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।

सोशल मीडिया पर बॉट अकाउंट्स और एआई का बेजा इस्तेमाल

पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि ज़मीनी स्तर पर कोई जनसमर्थन न होने के कारण प्रशांत किशोर पूरी तरह भ्रामक हथकंडों पर निर्भर हैं। वे सोशल मीडिया पर बॉट्स (Bots) और फर्जी अकाउंट्स का जाल बुनकर झूठी लोकप्रियता गढ़ रहे हैं।
​इसके साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर नकली भीड़ और झूठा जनसमर्थन दिखाया जा रहा है। बीजेपी का कहना है कि यह मेटा के दिशा-निर्देशों के साथ-साथ आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है।

​मिथिलेश तिवारी का तीखा जुबानी हमला

​बीजेपी नेता मिथिलेश तिवारी ने प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें बहुरूपिया बताया। उन्होंने कहा कि वह केवल भ्रम फैलाकर चुनाव लड़ना चाहते हैं और उनका असली चेहरा जनता के सामने बेनकाब हो चुका है।
​तिवारी ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग पहले पर्दे के पीछे रणनीति बनाने का ठेका लिया करते थे, आज खुद राजनीतिक मैदान में उतर आए हैं। उन्होंने भविष्यवाणी की कि चुनाव परिणाम आने और हार मिलने के बाद प्रशांत किशोर बिहार छोड़कर पंजाब भाग जाएंगे।