कुंदन कुमार, पटना। बिहार की राजनीति में विधान परिषद चुनावों को लेकर घमासान मचा हुआ है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा जारी उम्मीदवारों की सूची के बाद से राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मृत्युंजय तिवारी ने राजद की कार्यशैली और आंतरिक कलह पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजद के नेताओं की सोच ही ऐसी है और वे अपनी उसी मानसिकता के अनुसार बातें और फैसले करते हैं। पार्टी की आज जो दुर्गति और दुर्दशा हुई है, वह किसी और की नहीं बल्कि उनके अपने नेताओं की सोच का ही परिणाम है।
अपनों के बीच ही हो रहा है सूची का विरोध
भाजपा नेता ने आगे कहा कि विधान परिषद चुनाव को लेकर राजद ने जो उम्मीदवारों की सूची जारी की है, उस पर पार्टी के भीतर से ही भारी विरोध के स्वर उठ रहे हैं। घर के अंदर ही जिस तरह का बखेड़ा खड़ा हुआ है, उससे साफ पता चलता है कि उम्मीदवारों के चयन में किस प्रकार की प्रक्रिया अपनाई गई है। टिकट वितरण का यह तरीका अब किसी से छिपा नहीं है और पूरी तरह से जगजाहिर हो चुका है। ऐसी परिस्थिति में ऐसे लोगों पर कुछ भी बोलना या टिप्पणी करना व्यर्थ है, क्योंकि बिहार की जनता सब कुछ बहुत गौर से देख रही है और सही वक्त पर इसका फैसला करेगी।
पार्टियों के नाम बदलने के विवाद पर दो टूक
जनता दल यूनाइटेड (JD(U)) और राजद के बीच चल रहे बयानों के दौर पर बोलते हुए मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि समय-समय पर विभिन्न पार्टियों के नाम बदलने के मामले सामने आते रहे हैं। अगर जदयू के नेता इस पर कोई बात कह रहे हैं, तो इसमें नया क्या है? अपनी बात कहना हर किसी की निजी अभिव्यक्ति और विचारों की स्वतंत्रता के दायरे में आता है, जिसकी आजादी संविधान ने सबको दी है। राजद के लोगों को यह बुनियादी बात समझ में नहीं आती है, और इसी नासमझी के कारण वे अनाप-शनाप बयानबाजी करते रहते हैं।



