भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के ‘विशेष वर्ग’ को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कड़ा ऐतराज जताया है। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ता छोटूराम चौक पर जुटे और नारेबाजी करते हुए जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर जाति और धर्म के नाम पर समाज में विभाजन और वैमनस्य फैलाने वाले बयानों पर रोक लगाने की मांग की गई है।

ज्ञापन में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की ओर से ‘विशेष वर्ग’ को लेकर दिए गए बयान पर आपत्ति जताई गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की भाषा से समाज के विभिन्न वर्गों में रोष और चिंता पैदा होती है। राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों से सामाजिक सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और समान अधिकार प्रदान करता है। देश की पहचान विविधताओं में एकता से है। ऐसे में जाति, धर्म या किसी विशेष वर्ग के आधार पर समाज को बांटने वाली भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि आज आम जनता महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों की समस्याओं, युवाओं के भविष्य और विकास जैसे मुद्दों पर जवाब चाहती है। राजनीतिक नेतृत्व की जिम्मेदारी समाज को जोड़ने की है, न कि लोगों के बीच दूरी पैदा करने की।

कार्यकर्ताओं ने मांग की कि भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए।