पटना। शहर की सड़कों पर आज एक बार फिर BPSC TRE-4 की वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों का उबाल देखने को मिला। अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस की कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। इस दौरान पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
छात्र नेताओं और महिला अभ्यर्थियों पर पुलिसिया सख्ती
प्रदर्शन के दौरान पुलिस का रवैया काफी सख्त रहा। पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष पद के उम्मीदवार और तेजप्रताप यादव के समर्थक रिंकल यादव को पुलिस ने घसीटते हुए हिरासत में ले लिया। वहीं, महिला अभ्यर्थियों के साथ भी पुलिस द्वारा बल प्रयोग की तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें जबरन गाड़ियों में भरकर थाने ले जाया गया। इसके अलावा, छात्र नेता खुशबू पाठक को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। पटना कॉलेज और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और किसी भी तरह के जमावड़े को रोकने के लिए वाटर कैनन की गाड़ियां भी मुस्तैद रखी गई हैं।

शिक्षा मंत्री ने कहा- “बाहरी लोग कर रहे उकसावे की राजनीति”
अभ्यर्थियों के आक्रोश के बीच बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मामले पर सफाई दी है। उन्होंने प्रदर्शन को लेकर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि, “इस आंदोलन के पीछे कुछ बाहरी लोग हैं, जो छात्रों को उकसाने का काम कर रहे हैं।” हालांकि, जब उनसे स्पष्ट रूप से यह पूछा गया कि वैकेंसी कब तक आएगी, तो वे कोई निश्चित तारीख बताने से बचते नजर आए।
सरकार ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन
लाठीचार्ज के आरोपों पर शिक्षा मंत्री ने अपनी अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि उस दिन वे कार्यालय में व्यस्त थे और उन्हें मीडिया के जरिए लाठीचार्ज की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। मंत्री ने अभ्यर्थियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि विभाग इस पर पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। मंत्री ने दावा किया कि शिक्षा विभाग पूरी तरह से तैयारी कर रहा है और जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल, पटना में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और अभ्यर्थी अपनी मांग पर अडिग हैं।

