पटना। शहर निवासियों के लिए एक बड़ी खबर है। स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए पटना नगर निगम ने राजधानी में खुले में मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर ली है। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए शहर में बिहार का पहला हाईटेक स्लाटर हाउस (वधशाला) बनाने का निर्णय लिया गया है। यह अत्याधुनिक सुविधा मांस की बिक्री को व्यवस्थित और स्वच्छ बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगी।

​स्वच्छता और सुरक्षा के लिए आधुनिक व्यवस्था

​इस हाईटेक स्लाटर हाउस का निर्माण ‘डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर’ (DBFOT) मॉडल पर किया जाएगा। शहर को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से इसे रिहायशी इलाकों से दूर, बाहरी क्षेत्रों में बनाया जाएगा, जिसके लिए रामचक बैरिया में संभावित स्थल का चयन किया जा रहा है।
​इस प्लांट में मांस की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विशेष तकनीकी प्रावधान होंगे। इसमें ब्लड प्रोसेसिंग यूनिट, आधुनिक एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन प्रणाली स्थापित की जाएगी। इससे पशुओं के अवशेषों और वेस्ट का डिस्पोजल पूरी तरह से पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप किया जा सकेगा।

​इंसुलेटेड वाहनों से होगी आपूर्ति

​स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने ‘सप्लाई चेन’ को भी अपग्रेड करने की योजना बनाई है। स्लाटर हाउस से लेकर लाइसेंसी दुकानों तक मांस पहुंचाने के लिए विशेष रूप से इंसुलेटेड वाहनों का उपयोग किया जाएगा। इससे मांस को दूषित होने या खुले में बैक्टीरिया के संपर्क में आने से बचाया जा सकेगा।

​अवैध दुकानों पर निगम की सख्ती

​नगर निगम द्वारा किए गए सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शहर में कुल 1420 मांस-मछली की दुकानों की पहचान की गई है, जिनमें से 937 दुकानें पूरी तरह से अवैध पाई गईं। चौंकाने वाली बात यह है कि सर्वेक्षण में मात्र 90 दुकानदारों के पास ही वैध लाइसेंस मिला है।
​इन अनहाइजीनिक दुकानों को बंद करने और उन्हें नियम के दायरे में लाने के लिए निगम ने अभियान छेड़ दिया है। प्रशासन ने 1234 दुकानदारों को लाइसेंस रिन्यूअल के लिए नोटिस जारी किया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में केवल रजिस्टर्ड दुकानों को ही अधिकृत सप्लाई दी जाएगी। यह पहल न केवल शहर के सौंदर्यीकरण में सहायक होगी, बल्कि आम जनता को सुरक्षित और स्वच्छ मांस उपलब्ध कराने के स्वास्थ्य मानकों को भी पूरा करेगी। पटना नगर निगम द्वारा इस परियोजना के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।