दिल्ली-NCR में ट्रैफिक जाम की समस्या कम करने और विभिन्न शहरों के बीच आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से निर्माणाधीन DND-फरीदाबाद-सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे (DND–Faridabad–Sohna Access-Controlled Highway) परियोजना पर तेजी से काम जारी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निरीक्षण केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने संयुक्त रूप से किया। निरीक्षण के दौरान परियोजना के विभिन्न हिस्सों की प्रगति की समीक्षा की गई और निर्माण कार्य की गति को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली गई। इस अवसर पर कई केंद्रीय राज्य मंत्री, सांसद तथा दिल्ली और हरियाणा सरकार के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
करीब 59 किलोमीटर लंबे इस हाईवे का निर्माण लगभग 4,463 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह हाईवे दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोहना जैसे प्रमुख शहरों को बेहतर और तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच काफी आसान और तेज हो जाएगी।
भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा हाईवे
यह परियोजना भारतमाला योजना के तहत विकसित की जा रही है। करीब 59 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को 6-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक तेज और सुरक्षित हो सकेगी। परियोजना में आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है ताकि इसे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, इस हाईवे के शुरू होने के बाद दिल्ली-NCR में ट्रैफिक दबाव में कमी आने की उम्मीद और यात्रा समय भी काफी घट जाएगा।
आधुनिक तकनीक से तैयार हो रहा खास ब्रिज
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता 140 मीटर लंबा नेटवर्क स्टील आर्च ब्रिज है, जिसे भारत की सबसे आधुनिक स्टील ब्रिज संरचनाओं में गिना जा रहा है। इस पुल को टाइड-आर्च तकनीक और क्रॉस्ड हैंगर सिस्टम के जरिए डिजाइन किया गया है, जिससे इसकी मजबूती और सुरक्षा दोनों में वृद्धि होती है। परियोजना में प्रीकास्ट सेगमेंटल कंस्ट्रक्शन, लॉन्चिंग गर्डर तकनीक, हाई-स्ट्रेंथ स्टील, हाई-डैम्पिंग रबर बेयरिंग और आधुनिक एक्सपेंशन जॉइंट जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से यह हाईवे अधिक टिकाऊ, सुरक्षित और लंबे समय तक भारी यातायात दबाव को सहने में सक्षम बनेगा। साथ ही इससे सड़क रखरखाव की जरूरत भी कम होगी और यातायात अधिक सुगम रहेगा।
परियोजना में आधुनिक निर्माण तकनीकों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परियोजना को हरित और सतत विकास के मॉडल के रूप में तैयार किया जा रहा है। ओखला और गाजीपुर लैंडफिल की बायो-माइनिंग से निकली करीब 2 लाख मीट्रिक टन निष्क्रिय सामग्री का उपयोग सड़क निर्माण में किया गया है। इससे न केवल कचरे के निस्तारण में मदद मिली है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भरता भी कम हुई है। इसके अलावा हाईवे के किनारे नॉइज बैरियर, लैंडस्केपिंग और बड़े स्तर पर पौधारोपण का कार्य भी किया जा रहा है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच होगी आसान
दिल्ली-NCR की कनेक्टिविटी को मजबूत करने और नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक तेज और आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक बड़े एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर काम चल रहा है। योजना के तहत फरीदाबाद के चंदावली गांव से लेकर गौतम बुद्ध नगर के दयानापुर तक करीब 31 किलोमीटर लंबा नया एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। इस हिस्से का निर्माण लगभग 2,360 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस सड़क को यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा। इस कनेक्टिविटी से उत्तर भारत से आने वाला ट्रैफिक सीधे जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच सकेगा।
4 बड़े इंटरचेंज बनाए जा रहे
इस परियोजना में DND–सोहना हाईवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFCC) पर चार बड़े इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा एक एलिवेटेड कॉरिडोर और 8 लेन का रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) भी निर्माणाधीन है, जिससे विभिन्न मार्गों के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके। इन इंटरचेंजों के शुरू होने के बाद फरीदाबाद, गुरुग्राम और दक्षिण दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। साथ ही यात्रियों को बार-बार लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और आवागमन अधिक सुगम हो जाएगा।
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दिल्ली-NCR के व्यापार, उद्योग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क विकसित होने से माल ढुलाई अधिक तेज और सुगम होगी, जिससे सप्लाई चेन की लागत और समय दोनों में कमी आएगी। साथ ही इस कॉरिडोर के चलते नए निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। यह हाईवे फरीदाबाद मास्टर प्लान 2031 क्षेत्र से होकर गुजर रहा है, जिसे भविष्य के शहरी विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में आने वाले वर्षों में इस पूरे इलाके में तेजी से शहरीकरण और आर्थिक विकास की संभावना जताई जा रही है।
रेखा गुप्ता ने जताया आभार
परियोजना के निरीक्षण के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक परियोजना राजधानी के भविष्य को बेहतर बनाने वाली एक बड़ी सौगात है। इससे दिल्ली-एनसीआर की तस्वीर बदलने की क्षमता है और लाखों लोगों के लिए यात्रा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। आने वाले समय में यह हाईवे और इससे जुड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क राजधानी और आसपास के क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इसे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों के लिए एक गेमचेंजर परियोजना बताया।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

