बक्सर। जिले के चौसा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। उत्पाद विभाग की एक अनियंत्रित गाड़ी ने तीन छात्राओं को जोरदार टक्कर मार दी जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है।
घटना का विवरण
घायल छात्राएं स्नेहा पांडेय (15), कविता पांडेय (18) और प्रतिज्ञा पांडेय (16) मुफस्सिल थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं। सोमवार की रात वे चौसा दुर्गा मंदिर से दर्शन कर पैदल घर लौट रही थीं। जैसे ही वे चौसा स्थित संतोषी मां मंदिर के पास पहुंचीं, बक्सर की ओर से आ रही उत्पाद विभाग की एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार गाड़ी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भयावह थी कि छात्राओं को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे सड़क पर दूर जा गिरीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर तीनों को चौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार कविता पांडेय के हाथ में फ्रैक्चर आया है, जबकि अन्य दो किशोरियों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
घटनास्थल पर साक्ष्य और स्थानीय लोगों का गुस्सा
हादसे की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद गाड़ी का साइड मिरर टूटकर सड़क पर गिर गया जो विभाग की लापरवाही का प्रत्यक्ष प्रमाण बना। प्रतिज्ञा पांडेय के पिता महेंद्र पांडेय ने आरोप लगाया कि चालक ने घायलों को अस्पताल ले जाने के बजाय मौके से भागना बेहतर समझा।
क्षेत्र के निवासियों ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह एक महीने के भीतर उत्पाद विभाग की गाड़ी द्वारा की गई दूसरी बड़ी दुर्घटना है। इससे पूर्व भी तस्करों का पीछा करने के दौरान इसी गाड़ी ने दो लोगों को टक्कर मारी थी जिसमें अशोक साह का हाथ टूट गया था। उस समय भी पीड़ितों पर समझौता करने का दबाव बनाया गया था।
विभागीय कार्रवाई और आगे की स्थिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्पाद अधीक्षक ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई है जिसके आधार पर उसे तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया गया है। अधीक्षक ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थानीय लोग प्रशासनिक जवाबदेही और पीड़ितों को उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हैं।

