Lifestyle Desk – ओरल हेल्थ यानी मुंह की सेहत का ध्यान रखना सिर्फ रोजाना ब्रश करने तक सीमित नहीं है। दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने में सलाइवा यानी लार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह मुंह को नम रखने के साथ-साथ भोजन को निगलने और पचाने की शुरुआती प्रक्रिया में मदद करती है। साथ ही सलाइवा मुंह में मौजूद एसिड को संतुलित करने और दांतों को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया से बचाव में भी भूमिका निभाती है। यही वजह है कि लंबे समय तक मुंह का सूखा रहना यानी ड्राई माउथ केवल असहजता की समस्या नहीं है, बल्कि यह ओरल हेल्थ पर भी असर डाल सकता है। आइए इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।

क्या ड्राई माउथ से बढ़ सकता है कैविटी का खतरा?

हां, लंबे समय तक सलाइवा की कमी रहने पर दांतों में कैविटी का खतरा बढ़ सकता है। सामान्य स्थिति में सलाइवा भोजन के छोटे कणों को साफ करने और मुंह में बनने वाले एसिड को कुछ हद तक निष्क्रिय करने में मदद करती है। जब मुंह में पर्याप्त लार नहीं बनती, तो दांतों की प्राकृतिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। ऐसे में दांतों पर प्लाक जमा होने और बैक्टीरिया द्वारा एसिड बनाए जाने की स्थिति में दांतों की ऊपरी परत यानी इनेमल को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है।

ड्राई माउथ के क्या हैं लक्षण?

ड्राई माउथ में व्यक्ति को मुंह में लगातार सूखापन महसूस हो सकता है। कई बार बोलने, चबाने या खाना निगलने में भी परेशानी होती है। कुछ लोगों को गले में सूखापन, होंठ फटने, मुंह में चिपचिपाहट या स्वाद में बदलाव जैसी समस्याएं भी महसूस हो सकती हैं। अगर लंबे समय तक ऐसा बना रहे, तो दांतों में सड़न, मसूड़ों की समस्या और मुंह में छाले जैसी परेशानियों का जोखिम भी बढ़ सकता है।

किन कारणों से हो सकता है ड्राई माउथ?

मुंह सूखने के कई कारण हो सकते हैं। शरीर में पानी की कमी, मुंह से सांस लेने की आदत, धूम्रपान और तंबाकू का सेवन इसके कुछ कारण हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण भी सलाइवा का उत्पादन कम हो सकता है। कुछ स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों में भी ड्राई माउथ की समस्या हो सकती है। इसलिए अगर मुंह का सूखापन लगातार बना हुआ है, तो इसके कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टर या डेंटिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।

कैविटी से बचने के लिए क्या करें?

ड्राई माउथ की समस्या होने पर पर्याप्त पानी पीना सबसे जरूरी कदमों में से एक है। हालांकि, केवल पानी पीना ही पर्याप्त नहीं है। दिन में दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करें और दांतों के बीच की सफाई के लिए फ्लॉस या इंटरडेंटल क्लीनिंग का इस्तेमाल करें। मीठे और चिपचिपे खाद्य पदार्थों का बार-बार सेवन कम करें, क्योंकि ये कैविटी का जोखिम बढ़ा सकते हैं। कुछ मामलों में शुगर-फ्री च्यूइंग गम चबाने से सलाइवा बनने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अगर आपको लंबे समय से ड्राई माउथ की समस्या है, तो किसी भी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से पहले डेंटिस्ट की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर मुंह का सूखापन कई हफ्तों तक बना रहे, बार-बार कैविटी हो, मसूड़ों से खून आए, मुंह में दर्द या छाले हों अथवा खाने-निगलने में परेशानी हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। डेंटिस्ट जांच करके समस्या का कारण पता कर सकते हैं और जरूरत के अनुसार उपचार या ओरल केयर की सलाह दे सकते हैं।

कुल मिलाकर, ड्राई माउथ को मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। सलाइवा दांतों और मसूड़ों की प्राकृतिक सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है। इसलिए मुंह में लगातार सूखापन महसूस होने पर पानी की पर्याप्त मात्रा, अच्छी ओरल हाइजीन और नियमित डेंटल चेकअप पर ध्यान देना जरूरी है। सही समय पर सावधानी बरतने से कैविटी और दूसरी ओरल हेल्थ समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।