कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर “पर्ची-खर्ची” का मुद्दा गरमा गया है। भाजपा के सीनियर नेता और पूर्व वित्त मंत्री Captain Abhimanyu ने इशारों-इशारों में इनेलो पर बड़ा हमला बोलते हुए पुराने भर्ती सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया। युवाओं के बीच संवाद के दौरान कैप्टन अभिमन्यु ने साफ कहा कि आज के युवाओं को सोशल मीडिया पर फैल रहे जातिवाद के जहर से बचने की जरूरत है और उन्हें विकास व पारदर्शिता की राजनीति को समझना चाहिए।

कैप्टन अभिमन्यु ने “पर्ची-खर्ची” को लेकर तीखा सवाल दागते हुए कहा कि अगर पहले नौकरी देने का तरीका सही था और सिफारिश के आधार पर नौकरी देना जायज माना जाता था, तो फिर उन पर्चियों को देने और लेने वाले लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री Om Prakash Chautala की कैद क्यों करवाई?

उन्होंने कहा कि कोई इस सवाल का जवाब दे कि जब सब कुछ सही था तो फिर जेल की नौबत क्यों आई। उनका यह बयान सीधे तौर पर इनेलो पर हमला माना जा रहा है, क्योंकि ओम प्रकाश चौटाला और उनके बेटे Ajay Chautala को जेबीटी भर्ती घोटाले में सजा हुई थी।

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि आज हरियाणा में नौकरी का सिस्टम पूरी तरह बदल चुका है और बिना पर्ची-बिना खर्ची के युवाओं को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है, जिससे योग्य युवाओं को अवसर मिल रहे हैं। साथ ही उन्होंने युवाओं को जातीय बहसों में उलझने के बजाय शिक्षा, कौशल और रोजगार पर ध्यान देने की सलाह दी।

कैप्टन अभिमन्यु के इस बयान के बाद हरियाणा की सियासत में नई बहस छिड़ने के संकेत मिल रहे हैं। राजनीतिक जानकार इसे भाजपा की उस रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं, जिसमें विपक्ष के पुराने शासनकाल और भर्ती विवादों को मुद्दा बनाकर युवाओं के बीच संदेश देने की कोशिश की जा रही है। अब देखना होगा कि इनेलो इस बयान पर क्या जवाब देती है और प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा कितना तूल पकड़ता है।