चंडीगढ़। पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच बीजेपी नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के हालिया बयान ने सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है। उनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर सवाल उठाने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या कैप्टन एक बार फिर कांग्रेस के करीब आ रहे हैं।

हालांकि, कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से कांग्रेस में वापसी को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट बयान या आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है। ऐसे में फिलहाल इसे सिर्फ राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

‘दिमागी नक्सल’ शब्द पर कैप्टन ने उठाए सवाल

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द के अर्थ और दायरे को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि इस शब्द की स्पष्ट परिभाषा क्या है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में होने वाली वैध असहमति को इससे किस आधार पर अलग किया जाएगा।

अमरिंदर सिंह का कहना है कि सरकार की नीतियों की आलोचना करना या किसी मुद्दे पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना नक्सलवाद नहीं कहा जा सकता। उनके मुताबिक लोकतंत्र में असहमति और विरोध की अपनी जगह है।

छात्रों, किसानों और बेरोजगारों का दिया उदाहरण

कैप्टन ने कहा कि किसी परीक्षा के मुद्दे पर प्रदर्शन करने वाला छात्र, रोजगार की मांग करने वाला युवा या सरकार की नीति से असहमति जताने वाला किसान सिर्फ विरोध करने की वजह से नक्सली नहीं हो जाता।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ‘दिमागी नक्सल’ नाम से कानून में कोई अलग अपराध की श्रेणी मौजूद नहीं है। ऐसे में इस शब्द का इस्तेमाल हर उस व्यक्ति के लिए नहीं किया जाना चाहिए, जो सरकार की आलोचना करता है या शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होता है।

राहुल गांधी की तारीफ के बाद बढ़ी चर्चा

कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस रुख को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयान से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पिछले महीने राहुल गांधी ने अमरिंदर सिंह को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की थी।

6 अगस्त को राहुल गांधी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को ‘कूल’ बताते हुए उनकी तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि कैप्टन सैन्य इतिहास के अच्छे जानकार हैं और वह उन्हें काफी पसंद करते हैं। राहुल गांधी ने मजाकिया अंदाज में उन्हें ‘हेलो, अंकल अमरिंदर’ भी कहा था।

क्या कांग्रेस में होगी कैप्टन की वापसी?

राहुल गांधी की ओर से कैप्टन की तारीफ और अब अमरिंदर सिंह द्वारा केंद्र सरकार के एक प्रमुख राजनीतिक नैरेटिव पर सवाल उठाए जाने के बाद पंजाब की राजनीति में नई अटकलें शुरू हो गई हैं।

सियासी गलियारों में सवाल उठ रहा है कि क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह के तेवर बदल रहे हैं और क्या वह कांग्रेस के साथ दोबारा नजदीकी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक कांग्रेस में वापसी को लेकर कैप्टन की तरफ से कोई आधिकारिक संकेत नहीं आया है।

इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि अमरिंदर सिंह कांग्रेस में लौटने की तैयारी कर रहे हैं। आने वाले दिनों में उनके बयानों और राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजर रहेगी।