हेमंत शर्मा, इंदौर। लोक निर्माण विभाग (PWD) की उपयंत्री आरती यादव की संदिग्ध मौत का मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। आरती के भाई उपेंद्र जारिया ने पुलिस को एक विस्तृत शिकायत सौंपते हुए मौत को आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश का परिणाम बताया है। शिकायत में पति नीलेश यादव उर्फ भूरिया, सास-ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही घटनास्थल की जांच और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
“नींद की गोलियां खाने के बाद फांसी कैसे लगा सकती थी?”
शिकायत में कहा गया है कि घटना वाले दिन आरती ने कथित रूप से नींद की गोलियां खाई थीं। ऐसे में सवाल उठाया गया है कि नशे और बेहोशी जैसी स्थिति में कोई व्यक्ति स्वयं फांसी कैसे लगा सकता है। परिवार ने आरोप लगाया है कि आरती की कमजोर हालत का फायदा उठाकर पूरी घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
पति पर लगाए गंभीर आरोप
आवेदन में दावा किया गया है कि पति नीलेश यादव के कई महिलाओं से संबंध थे, जिसकी जानकारी आरती को हो गई थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। शिकायत के मुताबिक आरती अपने पति को इंदौर में ट्रांसफर कराकर परिवार के साथ रखना चाहती थी, लेकिन पति कथित तौर पर इसके लिए तैयार नहीं था। भाई का आरोप है कि शादी के बाद से ही आरती को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और ससुराल पक्ष लगातार उस पर दबाव बनाता था।
शादी के समय से विवाद का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि शादी के समय से ही ससुराल पक्ष का व्यवहार ठीक नहीं था। परिवार का आरोप है कि आरती को दो बेटियां होने के कारण ताने दिए जाते थे और कथित तौर पर दूसरी शादी कराने जैसी बातें भी की जाती थीं। आवेदन में इन आरोपों का भी उल्लेख किया गया है।
घटना वाले दिन क्या हुआ?
परिजनों के अनुसार घटना वाले दिन सुबह तक पति और आरती के बीच विवाद हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल ले जाने से पहले और बाद की परिस्थितियां भी संदेह पैदा करती हैं। परिवार ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
FSL जांच और घटनास्थल पर भी सवाल
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने FSL टीम को बुलाने के बाद आरती के कमरे के दरवाजे पर नया ताला लगवा दिया। बाद में जब परिवार पुलिस की अनुमति से मौके पर पहुंचा तो कथित तौर पर वही ताला दूसरे दरवाजे पर लगा मिला। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि घटनास्थल से साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई हो सकती है। इस पूरे मामले की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है।
परिवार की मांग- हत्या का केस दर्ज हो
आरती यादव के भाई ने पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच कराई जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो पति, सास-ससुर और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ हत्या सहित उपयुक्त धाराओं में मामला दर्ज किया जाए।
जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल ये सभी आरोप मृतका के परिजनों द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन में लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की जांच जारी है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और पुलिस की आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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