मनेंद्र पटेल, दुर्ग। जिले के पाटन तहसील कार्यालय में उस वक्त बड़ा हादसा टल गया, जब तहसीलदार की कुर्सी पर छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिरा। छत का प्लास्टर टेबल और उस पर रखे कंप्यूटर सहित अन्य सामान पर गिरा। घटना रात के समय होने के कारण कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारी मौजूद नहीं थे, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
फिलहाल तहसील कार्यालय को अन्य कमरे में शिफ्ट किया गया है।
घटना यदि कार्यालयीन समय में होती तो तहसीलदार सहित अधिकारी-कर्मचारियों के घायल होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। जिस स्थान पर छत का प्लास्टर गिरा है, वहां सामान्य दिनों में अधिकारी-कर्मचारियों की आवाजाही और कामकाज होता है।


घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने तहसील कार्यालय भवन के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जिस छत के नीचे बैठकर राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण कामकाज होता है, उसकी समय रहते जांच और मरम्मत क्यों नहीं कराई गई? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने भवन की जर्जर स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया? सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर यही छत दिन में अधिकारी-कर्मचारियों की मौजूदगी के दौरान गिरती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती? हादसा टल गया, लेकिन घटना ने सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों और आम जनता की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल घटना के बाद कार्यालय भवन की सुरक्षा को लेकर तत्काल निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत की जरूरत महसूस की जा रही।
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