वीरेंद्र गहवई. ट्रेन में गांजा तस्करी रोकने जीआरपी में एंटी क्राइम टीम गठित की गई थी. इसमें जीआरपी के चार आरक्षक लक्ष्मण गाइन, संतोष राठौर, सौरभ नागवंशी और मन्नू प्रजापति की गांजा तस्करों से संलिप्तता की शिकायत मिली थी. खुफिया विभाग की गोपनीय जांच के बाद चारों सिपाहियों को इसमें संलिप्त पाए गए. जिसके बाद डीजीपी अशोक जुनेजा ने मामले की डायरी बिलासपुर एसपी रजनेश सिंह को सौंपते हुए जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे.


इस मामले में चारों आरक्षकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर गांजा तस्करी में संलिप्तता पाए जाने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. मामले की जांच के दौरान मिले क्लू के आधार पर पुलिस टीम ने वेस्ट बंगाल में दबिश देकर श्यामधर चौधरी उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया. उसे शहर लाकर दो दिन तक पुलिस रिमांड पर पूछताछ की गई, और बाद में उसे जेल भेज दिया गया.

पुलिसकर्मी तस्करों को संरक्षण देते गांजा का सप्लाई का काम करने लगे थे, इन पुलिसकर्मियों के पकड़े जाने के बाद इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस ने वेस्ट बंगाल से गांजा तस्करी के सरगना को पकड़ा है. आरोपी पुलिसकर्मी लगातार इसके संपर्क में रहते थे.

खुफिया विभाग ने जांच में गिरफ्तार चारों आरक्षकों के पास से 45 बैंक खाते बरामद किए हैं. आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम बैंक खाता खुलवाया, जिसे वे खुद ऑपरेट करते थे. इन खातों के जरिए गांजा तस्करों से 15 करोड़ के लेनदेन का खुलासा हुआ है.

जानकारी के मुताबिक आरक्षक लक्ष्मण गाइन ड्रग्स तस्करी के मामले में वर्ष 2018 में रायपुर से गिरफ्तार हुआ था. तब उसकी पोस्टिंग रायपुर जीआरपी में थी. डेढ़ साल बाद जेल से रिहा होने पर उसका तबादला बिलासपुर जीआरपी थाने में हुआ. जहां उसे जीआरपी एंटी क्राइम में शामिल कर लिया गया, उसके बाद उसने तीन आरक्षकों के साथ मिलकर ट्रेन में गांजा तस्करी का खेल शुरू किया, आरोपी पुलिसकर्मी गांजा तस्करों को पकड़ने के बाद उन्हें छोड़ देते थे, और जब्त गांजा को बेच देते थे. उन्होंने ओडिशा और वेस्ट बंगाल के गांजा डीलरों से संपर्क किया और खुद गांजा मंगाकर तस्करी करने लगा. बताया जाता है कि आरक्षकों को जीआरपी और पीएचक्यू के अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ था.

वहीं 40 हजार रुपए वेतन पाने वाले गिरफ्तार आरक्षक लक्ष्मण गाइन के पास करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है. उसके पास सबसे महंगी बाइक हार्ले डेविडसन है, इसके अलावा हुंडई वरना, मर्सिडीज, स्वीफ्ट, हैरियर सहित चार लग्जरी कारें हैं. बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र के कंचन विहार में करोड़ों रुपए के मकान और प्लॉट है.

इधर इस मामले में एसपी रजनेश सिंह का कहना है, कि जीआरपी के चारों आरक्षकों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद जांच जारी है, आरोपी आरक्षकों को गांजा की साप्लाई करने वाले डीलर को वेस्ट बंगाल से गिरफ्तार किया गया है. मामले की जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी.
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