० 36 इंच की मुख्य पाइपलाइन गांव से गुजर रही, फिर भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण; राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
अजय सैनी,भिवानी। हांसी के निकट स्थित चैनौत गांव में पिछले 50 दिनों से स्वच्छ पेयजल की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना लगातार जारी है। भीषण गर्मी के बीच महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सड़क पर बैठकर पानी की मांग कर रहे हैं। अब इस आंदोलन को ग्राम स्वराज किसान मोर्चा का भी समर्थन मिल गया है। मोर्चा ने सरकार और प्रशासन को जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसानों और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए भिवानी उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में किसान नेताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालु ने कहा कि खानपुर वाटर वर्क्स से हांसी शहर को जाने वाली 36 इंच की मुख्य पेयजल पाइपलाइन चैनौत गांव की जमीन से होकर गुजरती है, लेकिन विडंबना यह है कि उसी गांव के लोग आज भी स्वच्छ पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि इस मुख्य पाइपलाइन से गांव के लिए 6 इंच का कनेक्शन दिया जाए और चैनौत को केंद्र सरकार की अमृत-2 योजना से जोड़ा जाए।
गांव की छाती चीरकर गुजर रही पाइपलाइन
जोगेंद्र तालु ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि जिस गांव की जमीन से होकर पूरी हांसी शहर की प्यास बुझाने वाली पाइपलाइन गुजर रही है, उसी गांव के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अमृत-2 योजना के नियम भी इस तरह की व्यवस्था की अनुमति देते हैं, इसलिए प्रशासन के पास कोई तकनीकी या कानूनी बाधा नहीं है।
सरकार के 3 करोड़ रुपये बचाने का दावा
मोर्चा का दावा है कि यदि 36 इंच की मुख्य लाइन से 6 इंच का कनेक्शन गांव को दिया जाता है, तो इससे हांसी शहर की जलापूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। साथ ही नई पाइपलाइन, मोटर और अन्य ढांचे पर होने वाला करीब 3 करोड़ रुपये का सरकारी खर्च भी बचाया जा सकेगा।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसान मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही चैनौत गांव को पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन में विभिन्न किसान संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर गांव की पेयजल समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की।

