हरियाणा के हांसी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चानौत गांव में शुद्ध पेयजल की मांग को लेकर पिछले 57 दिनों से चल रहा ग्रामीणों का धरना अब और उग्र हो गया है। इस आंदोलन को शनिवार को कांग्रेस के सात प्रमुख विधायकों ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना पूरा समर्थन दे दिया है।
हांसी। क्षेत्र के चानौत गांव में पेयजल की गंभीर समस्या को लेकर पिछले 57 दिनों से लगातार जारी ग्रामीणों के अनिश्चितकालीन धरने को शनिवार को कांग्रेस विधायक दल का खुला समर्थन मिल गया है। पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के नेतृत्व में कांग्रेस के सात मौजूदा विधायक धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों की इस मांग को पूरी तरह से जायज ठहराया। विधायकों ने मौजूदा सरकार से इस संवेदनशील जनसमस्या का तुरंत स्थायी समाधान निकालने की पुरजोर अपील की है। Chanaut Village Water Protest के इस लंबे संघर्ष के मंच से विपक्षी नेताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग
धरना स्थल पर एकजुट हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल, कलानौर से विधायक शकुंतला खटक, नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवाड़, गुहला-चीका से विधायक हंसराज, उकलाना के विधायक नरेश सेलवाल, महम से विधायक बलराम दांगी और बरोदा के विधायक इंदुराज नरवाल उर्फ भालू मुख्य रूप से शामिल रहे। इन सभी विपक्षी विधायकों ने एक सुर में मांग उठाई कि चानौत गांव को जल्द से जल्द टी-पॉइंट से शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। यदि इसके लिए जल नियमों में किसी भी तरह के बदलाव की जरूरत पड़ती है, तो सरकार को तुरंत विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए।

मूलभूत अधिकारों पर राजनीति बंद हो
कांग्रेसी नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि पेयजल हर एक आम नागरिक का बुनियादी अधिकार है और सरकार को इस संवेदनशील जनहित के मुद्दे पर गंदी राजनीति से ऊपर उठकर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। पूर्व मंत्री गीता भुक्कल ने इस दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि ग्रामीण निवासियों को अपनी इस बुनियादी जरूरत के लिए दो महीने तक कड़कती धूप में धरने पर बैठना पड़ रहा है, तो यह वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली और उसकी विफलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पानी की भारी किल्लत का सबसे बुरा असर गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों पर पड़ रहा है।

