हरियाणा के हांसी स्थित चानौत गांव में पेयजल किल्लत को लेकर पिछले 13 दिनों से चल रहा धरना अब एक बड़े जन आंदोलन में बदल गया है, जहां महापंचायत ने सरकार को सख्त अल्टीमेटम दिया है।
नवीन शर्मा, हांसी। चानौत गांव में पेयजल संकट को लेकर चल रहा धरना अब एक विशाल जन आंदोलन का रूप ले चुका है, जो पूरे प्रदेश का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। पेयजल की जायज मांग को लेकर आज गांव में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेशभर से किसानों, ग्रामीणों और कई बड़े राजनीतिक नेताओं ने पहुंचकर अपना पूर्ण समर्थन दिया। ग्रामीण पिछले 13 दिनों से हांसी शहर के लिए जा रही भाखड़ा पेयजल परियोजना की मुख्य पाइपलाइन का काम रुकवाकर धरने पर बैठे हैं। इस महापंचायत में इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला, हिसार सांसद जय प्रकाश जेपी, नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़, किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी और हांसी से कांग्रेस नेता राहुल मक्कड़ समेत कई दिग्गजों ने शिरकत कर ग्रामीणों की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया।
ग्रामीणों का सरकार को बड़ा अल्टीमेटम
महापंचायत में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से एक बेहद कड़ा निर्णय लिया है, जिसके तहत यदि 1 जून तक चानौत गांव को स्थायी पेयजल कनेक्शन नहीं मिला, तो ग्रामीण इस पाइपलाइन को पूरी तरह तोड़कर सड़क पर डाल देंगे। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि जिस पाइपलाइन के जरिए हांसी शहर को पानी की सप्लाई दी जा रही है, उसी लाइन से चानौत गांव को भी स्थायी रूप से जोड़ा जाए। पूर्व सरपंच सत्यवान दूहन ने बताया कि गांव वर्षों से गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहा है और भीषण गर्मी के मौसम में हालात बद से बदतर हो जाते हैं। धरना कमेटी के सदस्यों और जनस्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के बीच दो दिन पहले चंडीगढ़ में एक उच्च स्तरीय बैठक भी आयोजित हुई थी, लेकिन वह पूरी तरह बेनतीजा रही, क्योंकि ग्रामीणों ने साफ कह दिया है कि जब तक पानी नहीं मिलेगा, तब तक कोई समझौता संभव नहीं है।

विपक्षी नेताओं ने साधा निशाना
महापंचायत में पहुंचे इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार चानौत गांव को पानी देना ही नहीं चाहती। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हवाले से कहा कि यह पानी विधायक विनोद भयाना द्वारा शहर के बजाय अपनी काटी गई अवैध कॉलोनियों के लिए ले जाया जा रहा है। वहीं हिसार सांसद जय प्रकाश जेपी और नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़ ने ग्रामीणों के हक की लड़ाई को जायज बताते हुए कहा कि जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। हांसी के कांग्रेस नेता राहुल मक्कड़ ने पानी जैसी मूलभूत जरूरत के लिए लोगों को सड़क पर बैठने को मजबूर करने पर सरकार को घेरा, तो किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने प्रशासन को चेतावनी दी कि पूरे हरियाणा के किसान इस लड़ाई में चानौत गांव के साथ मजबूती से खड़े हैं।

