अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. अलीनगर थाना क्षेत्र से लापता हुई दो नाबालिग लड़कियों की बरामदगी के बाद मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है. एक ओर पुलिस ने दोनों किशोरियों को बरामद करने का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर परिजनों ने मेडिकल परीक्षण न कराए जाने और बच्चियों से मुलाकात न कराने का गंभीर आरोप लगाया है. जानकारी के अनुसार अलीनगर थाना में दर्ज एफआईआर के तहत बिछड़ी भटान बस्ती निवासी कैथी देवी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 31 मई की रात उनकी बेटी और नातिन संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थीं. परिजनों ने आरोप लगाया था कि जीत कुमार और शनी यादव दोनों किशोरियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए हैं.
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. मामले की विवेचना उपनिरीक्षक देवेश चंद्र तिवारी को सौंपी गई थी. इसी बीच पीड़ित परिवार की महिलाओं ने मीडिया से बातचीत में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि घटना की सूचना देने के साथ ही उन्होंने पुलिस को संदिग्ध व्यक्तियों के नाम भी बताए थे. परिवार का दावा है कि पुलिस ने दोनों लड़कियों को बरामद कर लिया है, लेकिन अब तक उनका मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया है.
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परिजनों के अनुसार पुलिस की ओर से उन्हें बताया गया कि लड़कियां मेडिकल जांच कराने के लिए तैयार नहीं हैं. हालांकि परिवार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए मेडिकल परीक्षण आवश्यक है. उनका मानना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी. पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि बरामदगी के बाद अब तक उन्हें अपनी बच्चियों से मिलने नहीं दिया गया है और न ही उन्हें परिवार के सुपुर्द किया गया है. परिजनों का कहना है कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चियों को उनके हवाले कर दिया जाएगा.
मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल से हस्तक्षेप की मांग करते हुए मेडिकल परीक्षण कराए जाने तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की है. परिवार ने कहा कि उन्हें पुलिस अधीक्षक पर पूरा विश्वास है और उम्मीद है कि जांच के आधार पर उन्हें न्याय मिलेगा. फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई बरामद किशोरियों के बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। मामले की जांच जारी है.

