चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सब्जेक्ट रैंकिंग 2026 में कंप्यूटर साइंस सहित कई विषयों में दुनिया के शीर्ष 300 संस्थानों में स्थान हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

धनेश, रेवाड़ी। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने वैश्विक स्तर पर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाते हुए ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सब्जेक्ट रैंकिंग 2026’ में शानदार सफलता हासिल की है। यूनिवर्सिटी ने कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रणाली, इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और मैकेनिकल-एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख विषयों में दुनिया की शीर्ष 300 यूनिवर्सिटियों की सूची में अपनी जगह सुरक्षित की है। रेवाड़ी के एक निजी रेस्तरां में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार प्रोफेसर (डॉ.) आर.एस. बावा ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यूनिवर्सिटी ने 11 विषयों में रैंकिंग प्राप्त कर दुनिया की शीर्ष 1 प्रतिशत यूनिवर्सिटियों में अपना स्थान पक्का कर लिया है।

250 करोड़ की छात्रवृत्ति और हरियाणा के विद्यार्थियों का दबदबा

प्रोफेसर बावा ने जानकारी दी कि आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए यूनिवर्सिटी ‘सीयूसीईटी (CUCET) – 2026’ के माध्यम से कुल 250 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है। इसमें से 200 करोड़ रुपए मोहाली परिसर और 50 करोड़ रुपए लखनऊ परिसर के लिए आवंटित किए गए हैं। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में हरियाणा के 9678 विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिला है। रोजगार के मोर्चे पर भी यूनिवर्सिटी ने बड़े कीर्तिमान स्थापित किए हैं; वर्ष 2025 में 1300 से अधिक कंपनियों ने विद्यार्थियों को 10 हजार से अधिक जॉब ऑफर दिए। इसमें सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय पैकेज 1.74 करोड़ रुपए और घरेलू पैकेज 59.9 लाख रुपए वार्षिक रहा है।

शोध, नवाचार और खेलों में भी अग्रणी स्थान

यूनिवर्सिटी ने शोध और खेलों के क्षेत्र में भी अद्वितीय प्रदर्शन किया है। वर्तमान में यूनिवर्सिटी के नाम 24 हजार से अधिक शोध प्रकाशन और 6000 से अधिक पेटेंट दाखिल हैं। इतना ही नहीं, संस्थान के 44 फैकल्टी सदस्य दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हैं। खेलों में अपनी धाक जमाते हुए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2024 और 2025 में लगातार चैंपियन बनकर ‘माका ट्रॉफी’ अपने नाम की है। प्रोफेसर बावा ने बताया कि रेवाड़ी के 49 विद्यार्थियों को भी बहुराष्ट्रीय कंपनियों से आकर्षक वेतन के प्रस्ताव मिले हैं, जो यूनिवर्सिटी की वैश्विक स्तर की शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता का प्रमाण है।

रेवाड़ी के विद्यार्थियों को मिले आकर्षक पैकेज

यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने बताया कि रेवाड़ी के लक्ष्म शर्मा देशवाल को 9 लाख रुपए, तुषार सचदेवा को 8.5 लाख रुपए, आरजू को 8 लाख रुपए और तन्मय गर्ग को 7.64 लाख रुपए वार्षिक का वेतन प्रस्ताव मिला है। इसके अलावा नैना को 6 लाख रुपए का सालाना पैकेज प्राप्त हुआ है। यूनिवर्सिटी का लक्ष्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध, नवाचार और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर एक सफल करियर के लिए तैयार करना है।