Chhattisgarh Two Labourers Murder in Jammu and Kashmir: एक बार फिर आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग को अंजाम दिया है। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम (Kulgam) में आतंकियों ने दो हिंदू मजदूरों की हत्या (Two Hindu laborers Murdered In JK) कर दी। पहलगाम आतंकी हमले की तर्ज हुए इस कायराना हमले की देशभर में कड़ी निंदा हुई है। जम्मू-कश्मीर की उमर अब्दुल्ला सरकार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा है कि हाई अलर्ट के बाद भी कुलगाम में हमला कैसे हुआ। वहीं नेताओं ने सुरक्षा चूक पर सवाल उठाते हुए घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

हत्याकांड पर सीएम उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने कहा कि ये शर्मनाक बात है कि लोग जो बाहर से यहां रोजी रोटी कमाने और चैन की रोटी खाने आए थे उनको हमलावरों ने निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि पैसे देकर हम उनके परिवारों के दर्द को तो कम नहीं कर सकते लेकिन हम उनकी मदद करना चाहते हैं।

वहीं उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी ने गंभीर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा जैसी संवेदनशील यात्रा चल रही है और पूरा सुरक्षा तंत्र हाई अलर्ट पर है तब आतंकवादी खुलेआम कैसे आए। उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस महानिदेशक (DGP) को देना चाहिए कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था में चूक कहां हुई। इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री ने ये सवाल भी उठाया कि जब-जब जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा (स्टेटहुड) बहाल करने की मांग तेज होती है, तब-तब ऐसे आतंकी हमले क्यों सामने आते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से मांग की कि पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाए, ताकि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो सके।

जब हम राज्य का दर्जा मांगते हैं, तभी ऐसा क्यों होता हैः फारूक अब्दुल्ला

पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने कहा कि उन्हें इसका बेहद अफसोस है। उन्होंने कहा कि हमें यह भी नहीं पता कि मजदूरों को किसने और कैसे मारा। उन्होंने कहा कि इस बात की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि कातिल कौन हैं। इसके साथ ही उन्होंने ये सवाल भी उठाया कि जब हम राज्य का दर्जा मांगते हैं, तभी ऐसा क्यों होता है।

हमला सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूकः महबूबा मुफ्ती

कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने बेकसूर प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाए जाने को अकल्पनीय रूप से क्रूर बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक का आरोप लगाया और स्वतंत्र जांच की मांग की। पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस हमले की निंदा करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं और निहत्थे नागरिकों पर हुआ यह हमला बेहद दर्दनाक है।

घटना से मैं बेहद दुखी, देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुटः राहुल गांधी

वहीं कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा ‘जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुआ कायराना आतंकवादी हमला, जिसमें हमारे देश के दो मजदूरों की जान चली गई, बेहद दुखद है। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है।

मजदूरों की हत्या घिनौनी और अमानवीय हरकतः प्रियंका गांधी

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) ने घटना की की निंदा की है। प्रियंका ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुआ कायराना आतंकवादी हमला बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। ईंट भट्ठे पर काम कर रहे दो मजदूरों की पहचान करके उनकी हत्या करना एक बेहद घिनौनी और अमानवीय हरकत है। पूरे देश की संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।

ये इस्लाम के खिलाफ हैः मौलवी मोहम्मद उमर फारूक

इधर मीरवाइज-ए-कश्मीर मौलवी मोहम्मद उमर फारूक ने कुलगाम में दो बाहरी मजदूरों की हत्या की निंदा की। उन्होंने कहा कि हिंसा से बचना चाहिए। उन्होंने इस हमले पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस्लाम हर बेगुनाह इंसान की जान की अहमियत को मानता है और बेगुनाह लोगों की हत्या की साफ तौर पर निंदा करता है। गरीब मजदूरों को निशाना बनाना इस्लाम की शिक्षाओं और इंसानियत के मूल्यों के पूरी तरह खिलाफ है।

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