सत्या राजपूत, रायपुर। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात कर चिकित्सकों और मेडिकल विद्यार्थियों से जुड़ी 17 सूत्रीय मांगों को विस्तार से उनके समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व JDA रायपुर के अध्यक्ष डॉ. पीयूष पी. श्रीवास्तव ने किया।

बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने जूनियर डॉक्टरों, पीजी रेजिडेंट्स, सीनियर रेजिडेंट्स और एमबीबीएस इंटर्न्स से संबंधित विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि जिन विषयों पर तत्काल निर्णय लिया जा सकता है, उन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

UG बॉन्ड समाप्त करने का आश्वासन
बैठक में सबसे अहम मुद्दा एमबीबीएस छात्रों पर लागू UG बॉन्ड का रहा। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि अगले शैक्षणिक सत्र से UG बॉन्ड समाप्त करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने PG बॉन्ड की अवधि दो वर्ष से घटाकर एक वर्ष करने पर भी सहमति जताई और कहा कि इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
प्रॉपर्टी मॉर्गेज की अनिवार्यता भी हो सकती है समाप्त
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के समय संपत्ति बंधक (प्रॉपर्टी मॉर्गेज) की अनिवार्यता समाप्त करने पर भी सरकार सकारात्मक विचार कर रही है। यदि इस पर निर्णय होता है तो मेडिकल छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया में बड़ी राहत मिलेगी।
स्टाइपेंड बढ़ाने पर भी सकारात्मक रुख
बैठक में एमबीबीएस इंटर्न्स, पीजी रेजिडेंट्स और सीनियर रेजिडेंट्स के स्टाइपेंड का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने इस पर भी सकारात्मक रुख अपनाते हुए स्टाइपेंड बढ़ाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
JDA का कहना है कि लंबे समय से मेडिकल विद्यार्थियों और जूनियर डॉक्टरों द्वारा स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग की जा रही थी। ऐसे में सरकार का यह आश्वासन उनके लिए राहत भरा कदम साबित हो सकता है।
17 सूत्रीय मांगों पर हुई विस्तार से चर्चा

प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष चिकित्सकों और मेडिकल विद्यार्थियों से जुड़े 17 सूत्रीय मांगपत्र पर विस्तार से चर्चा की। इसमें सेवा शर्तों, प्रशिक्षण व्यवस्था, बॉन्ड नीति, स्टाइपेंड, प्रवेश प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक विषयों से संबंधित मांगें शामिल थीं। स्वास्थ्य मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी मांगों का परीक्षण कर चरणबद्ध तरीके से आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
JDA ने जताया आभार
बैठक के बाद JDA छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने चिकित्सकों और मेडिकल विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा उनके समाधान के प्रति सकारात्मक रुख अपनाया है।
JDA ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही इन महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेकर प्रदेश के हजारों मेडिकल विद्यार्थियों, इंटर्न्स, रेजिडेंट डॉक्टरों और चिकित्सकों को राहत देगी।
अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी
JDA छत्तीसगढ़ ने कहा कि संगठन प्रदेश के चिकित्सकों और मेडिकल विद्यार्थियों के अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयासरत रहेगा। संगठन का कहना है कि 17 सूत्रीय मांगों का पूर्ण समाधान होने तक वह सरकार के समक्ष अपनी बात मजबूती से उठाता रहेगा और आवश्यक पहल करता रहेगा।
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