सत्या राजपूत, रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पीएम-सेतु (PM-SETU) योजना के तहत राज्य की चयनित आईटीआई को अपग्रेड किया जाएगा, जहां छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन तकनीक और अन्य उभरती हुई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही पुरानी मशीनों को हटाकर अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जाएंगी और साथ ही साथ डिजिटल कंटेंट और स्मार्ट क्लासरूम की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

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मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक

इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में पीएम-सेतु योजना के तहत गठित राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के अंतर्गत चयनित आईटीआई के उन्नयन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई और विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार होंगे छात्र

बैठक में राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने और युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। इसके लिए उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने तथा उद्योग-नेतृत्व वाले एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के चयन हेतु पात्रता मापदंडों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

नई मशीनें और स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा

पीएम-सेतु योजना के तहत पुरानी और पारंपरिक मशीनों की जगह आधुनिक तकनीक आधारित मशीनें स्थापित की जाएंगी। साथ ही विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए डिजिटल कंटेंट, स्मार्ट क्लासरूम और तकनीकी संसाधनों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्र नई तकनीकों से सीधे जुड़ सकेंगे।

उद्योगों और सार्वजनिक उपक्रमों को मिलेगा अवसर

समीक्षा के दौरान ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) प्रक्रिया में भाग लेने वाले उद्योगों, सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य पात्र संस्थाओं को प्रस्ताव प्रक्रिया में शामिल करने के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा प्रधानमंत्री सेतु योजना के तहत एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स की ऑनबोर्डिंग के लिए जारी किए जाने वाले ड्राफ्ट रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) के विभिन्न प्रावधानों पर भी विचार किया गया।

रोजगार बढ़ाने पर रहेगा विशेष फोकस

योजना का उद्देश्य आईटीआई छात्रों को नई तकनीकों से जोड़ना और उन्हें उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप दक्ष बनाना है, ताकि प्रशिक्षण के बाद उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें। AI, ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने में मदद करेगा।

कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस. सहित वित्त विभाग, श्रम विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल, रोजगार एवं प्रशिक्षण, सीआईआई तथा भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता महानिदेशालय के छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अधिकारियों ने भाग लिया।

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