नितिन नामदेव, रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में मंगलवार को दो नई यात्री ट्रेन सेवाओं की शुरुआत हुई। रायपुर–रावघाट और रायपुर–कुरूद के बीच चलने वाली इन ट्रेनों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-7 पर आयोजित कार्यक्रम में हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। कार्यक्रम में ताड़ोकी–रावघाट नई रेल लाइन और अभनपुर–कुरूद ब्रॉडगेज रेलखंड का उद्घाटन किया गया। वहीं, रायपुर में ₹133 करोड़ की लागत से बनने वाली इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास भी हुआ।

इस कार्यक्रम में रेल मंत्री ने आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में 100 नई ट्रेनें शुरू करने की संभावना जताई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी कहा कि आने वाले दिनों में धमतरी तक ट्रेन सेवा शुरू होगी। रावघाट तक पहली बार रेल पहुंचने से बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों को राजधानी रायपुर से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बयान: आने वाले समय में 100 नई ट्रेनें शुरू करना संभव

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में रेल कनेक्टिविटी की मांग लंबे समय से थी। अब उन क्षेत्रों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने का काम किया जा रहा है, जो पहले रेल सुविधा से दूर थे। उन्होंने कहा कि रावघाट का पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ना इसी दिशा में बड़ा कदम है।

वैष्णव ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में 100 नई ट्रेनें शुरू करना संभव हो सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य में रेलवे लाइनों की कमी दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं और उन्हीं के तहत काम किया जा रहा है।

रेल मंत्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ के लिए रेलवे बजट बढ़कर ₹7,500 करोड़ हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य में करीब ₹57,000 करोड़ के रेलवे कार्य चल रहे हैं और रेलवे विकास के लिए किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान रेलवे के क्षेत्र में काम नहीं हुआ।

वैष्णव ने यह भी कहा कि आने वाले कुछ महीनों में रायपुर से धमतरी तक ट्रेन सेवा शुरू करने की दिशा में काम होगा। उन्होंने भविष्य में रायपुर से रावघाट और जगदलपुर होते हुए कोल्हापुर के रास्ते विशाखापत्तनम तक रेल संपर्क विकसित करने की योजना का जिक्र किया। हालांकि, इस प्रस्तावित रेल संपर्क के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बयान: आज छत्तीसगढ़ के लिए शुभ दिन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज का दिन शुभ है। उन्होंने बताया कि रावघाट में खड़ी ट्रेन रायपुर आएगी, जबकि रायपुर से शुरू होने वाली ट्रेन कुरूद जाएगी। दोनों नई यात्री सेवाओं की शुरुआत से राज्य में रेल संपर्क बढ़ेगा।

साय ने कहा कि आने वाले दिनों में धमतरी से भी ट्रेन चलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताते हुए कहा कि राज्य में रेलवे के क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यूपीए सरकार के समय छत्तीसगढ़ को रेलवे के लिए करीब ₹300 करोड़ का बजट मिलता था, जो अब बढ़कर ₹7,500 करोड़ हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद राज्य में रेलवे परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है।

साय ने राजनांदगांव, अंबिकापुर, बरवाडीह और रावघाट से जगदलपुर तक रेल संपर्क से जुड़ी स्वीकृतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आठ रेलवे स्टेशन बनकर तैयार हो गए हैं और रेल मंत्री ने नए स्टेशनों की तस्वीरें दिखाई हैं।

मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले से धरमजयगढ़ तक रेल संपर्क पहुंचाने की मांग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस संबंध में रेल मंत्री से आग्रह किया था और इसे शामिल किए जाने पर वैष्णव का आभार जताया।

ताड़ोकी-रावघाट रेलखंड का उद्घाटन, परियोजना पर ₹1,628 करोड़ खर्च

बता दें कि दल्लीराजहरा–रावघाट रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है और इसकी लागत ₹1,628 करोड़ बताई गई है। इसी परियोजना के तहत ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर लंबा रेलखंड तैयार किया गया है।

इस रेलखंड के शुरू होने से रावघाट तक यात्री रेल संपर्क पहुंचा है। इससे बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों के लोगों को राजधानी रायपुर तक आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इस रेल लाइन का फायदा माल परिवहन में भी मिलेगा। रावघाट क्षेत्र से लौह अयस्क को भिलाई स्टील प्लांट तक पहुंचाना आसान हो सकेगा, जिससे औद्योगिक गतिविधियों और परिवहन को मदद मिलने की संभावना है।

अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज लाइन से यात्रियों को मिलेगा फायदा

अभनपुर–कुरूद रेलखंड ₹306 करोड़ की लागत वाली 67 किलोमीटर लंबी केंद्री–धमतरी और अभनपुर–राजिम आमान परिवर्तन परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना के तहत केंद्री–अभनपुर–राजिम खंड का काम पहले ही पूरा हो चुका है और वहां यात्री रेल सेवा शुरू की जा चुकी है।

अब अभनपुर से कुरूद के बीच 22 किलोमीटर रेलखंड का आमान परिवर्तन पूरा कर लिया गया है। रायपुर–कुरूद ट्रेन सेवा शुरू होने से धमतरी क्षेत्र के विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को राजधानी तक पहुंचने का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

बेहतर रेल संपर्क से कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है।

रायपुर में ₹133 करोड़ से बनेगी इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी

रायपुर स्थित डीजल लोको शेड में ₹133 करोड़ की लागत से इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी विकसित की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान इस सुविधा का शिलान्यास किया गया। इसके तैयार होने पर 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता उपलब्ध होगी।

इस सुविधा से इंजनों की उपलब्धता बेहतर करने और रेल परिचालन को अधिक भरोसेमंद बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक इंजनों के नियमित रखरखाव की क्षमता बढ़ने से परिचालन संबंधी दिक्कतों को दूर करने में भी सहायता मिल सकती है।

रायपुर डीजल लोको शेड की आधारशिला फरवरी 1993 में रखी गई थी। मई 1995 में 10 डीजल इंजनों के साथ यहां संचालन शुरू हुआ। मार्च 2008 में इंजनों की संख्या 100 और मई 2018 में 200 तक पहुंच गई। अक्टूबर 2020 में शेड में पहले इलेक्ट्रिक इंजन का IA शेड्यूल भी पूरा किया गया था।

भविष्य में धमतरी और दूसरे इलाकों तक रेल संपर्क बढ़ाने की योजना

रेल मंत्री और मुख्यमंत्री के बयानों से साफ है कि राज्य में रेल संपर्क बढ़ाने को लेकर आगे भी योजनाएं हैं। रायपुर से धमतरी तक ट्रेन सेवा शुरू करने की बात कही गई है। इसके अलावा रायपुर से रावघाट और जगदलपुर होते हुए विशाखापत्तनम तक रेल संपर्क विकसित करने की योजना का भी जिक्र हुआ है।

हालांकि, इन प्रस्तावों के लिए निश्चित समयसीमा और विस्तृत परिचालन कार्यक्रम सामने नहीं आया है। इसी तरह 100 नई ट्रेनों की बात भी रेल मंत्री ने भविष्य की संभावना के तौर पर कही है।

नई सेवाओं से रायपुर, बालोद, कांकेर और धमतरी क्षेत्र के यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। वहीं, रावघाट तक रेल पहुंचने से दूरस्थ इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच बेहतर हो सकती है।

कार्यक्रम में ये जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-7 पर हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद रूप कुमारी चौधरी, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और विधायक राजेश मूणत मौजूद रहे। विधायक पुरंदर मिश्रा और मोतीलाल साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए। रेलवे के कई अधिकारी भी मौजूद रहे।

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